बिहार के स्कूलों ने तीन करोड़ रुपये खर्च का नहीं दिया हिसाब, इन 18 जिलों के DEO को देना होगा जवाब
शिक्षा विभाग ने पटना, गया, पश्चिम चंपारण, नालंदा, नवादा, पूर्वी चंपारण, वैशाली, खगड़िया, , कटिहार, कैमूर, दरभंगा, शिवहर, मुजफ्फरपुर, अरवल, जमुई और गोपालगंज जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है

बिहार शिक्षा विभाग की ओर से जिलों को स्कूलों में विभिन्न मदों में खर्च के लिए मिली राशि का हिसाब नहीं देने का मामला सामने आया है। पटना जिला समेत राज्य के 18 जिलों को खर्च के लिए मिली राशि में से 3-3 करोड़ से अधिक की राशि कहां खर्च हुई इसका हिसाब-किताब जिलों ने नहीं दिया है। जिलों ने पिछले छह साल से इतनी राशि का हिसाब विभाग को नहीं दिया है। मामला वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच जारी की गई राशि से जुड़ा हुआ है। अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग की समीक्षा में यह मामला सामने आया।
शिक्षा विभाग ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। 18 जिलों के डीईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। छह साल की इस अवधि में तीन करोड़ से अधिक की राशि का ब्योरा अब सभी जिलों से मंगाया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने पटना, गया, पश्चिम चंपारण, नालंदा, नवादा, पूर्वी चंपारण, वैशाली, खगड़िया, , कटिहार, कैमूर, दरभंगा, शिवहर, मुजफ्फरपुर, अरवल, जमुई और गोपालगंज जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
छह सालों की राशि के उपयोग का ब्योरा निकालेंगे
दरअसल, शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों को विभिन्न मदों में खर्च के लिए पैसे दिए गए थे, जिनमें शैक्षिक सामग्री, निर्माण एवं मरम्मत जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल थीं। लेकिन संबंधित जिले ने न राशि का बिल जमा नहीं किया, राशि किन मदों में खर्च हुई और न ही उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जमा किया। विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि बिना उपयोगिता प्रमाण पत्र के खर्च की गई राशि को अनियमितता माना जाएगा और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 18 जिले के डीईओ अब छह सालों की राशि के उपयोग का ब्योरा निकालेंगे।
विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का हुआ गठन
पटना। मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत ‘सुरक्षित शनिवार’ पर शनिवार को पटना कॉलेजिएट स्कूल में विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का गठन हुआ और बाल प्रेरकों का चयन किया गया। मौके पर विद्यालय में जागरूकता और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। हजार्ड हंट गतिविधि से छात्रों को आपदा जोखिमों के प्रति जागरूक किया गया। शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित चिकित्सक डॉ. जय नारायण दुबे ने साप्ताहिक स्वास्थ्य आयुष क्लिनिक का उद्घाटन किया।




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