बिहार में आधार हुआ निराधार! पहचान पत्र दिखाने के बाद भी पुलिस ने वारंटी के नाम पर निर्दोष को उठाया
पुलिस ज्यादती के शिकार बने अनुज ने बताया कि उसे कपड़ा पहनने का भी मौका नहीं दिया गया। उसने यह भी बताया कि उस समय गांव का चौकीदार वहां मौजूद था जो दोनों भाइयों को पहचानता है। इसके बावजूद घर से खींचकर उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया।

बिहार के बेगूसराय जिले में बखरी थाने की पुलिस ने शनिवार की रात वारंटी की जगह उसके भाई को गिरफ्तार कर नौ घंटे तक हाजत में बंद रखा। रविवार की सुबह सत्यापन के बाद करीब 9 बजे पीआर बॉण्ड पर उसे छोड़ा गया। मामले खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर खबर दौड़ने लगी। जानकारी के अनुसार पुलिस ने किसी मामले में बागवन के अभुआर गांव के वारंटी मनोज महतो को तीन गाड़ियों के साथ पुलिस पकड़ने गई थी किन्तु पुलिस मनोज के बदले उसके छोटे भाई अनुज कुमार को उठा कर थाना ले आयी। निर्दोष अनुज अपना आधार कार्ड दिखाकर गिड़गिड़ाता रहा किंतु पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी।
बताया जाता है कि रात करीब 12 बजे अनुज को बखरी थाना लाकर हाजत में बंद कर दिया गया। रात में ही जब उसके परिजन पहचान पत्र लेकर थाना पहुंचे तो कहा गया कि इसे कोर्ट में दिखाना। पुलिस ज्यादती के शिकार बने अनुज ने बताया कि उसे कपड़ा पहनने का भी मौका नहीं दिया गया। उसने यह भी बताया कि उस समय गांव का चौकीदार वहां मौजूद था जो दोनों भाइयों को पहचानता है। इसके बावजूद घर से खींचकर उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया। सुबह सोशल मीडिया पर इस खबर के आने के बाद करीब 9 बजे एक बॉण्ड बनाकर अनुज को छोड़ा गया।
वारंटी की जगह छोटे भाई को थाने लाई पुलिस
बखरी। एसडीपीओ कुंदन कुमार ने बताया कि बागवन के अभुआर गांव में मनोज महतो के खिलाफ वारंट जारी था। मनोज के बदले उसके छोटे भाई अनुज को छापेमारी में लाया गया था। घर पर उसकी बहन और चौकीदार के द्वारा पहचान की गई थी। सुबह दोनों का आधार कार्ड प्राप्त कर सत्यपान किया गया तो वह अनुज कुमार पाया गया। उक्त दोनों भाइयों का चेहरा लगभग एक जैसा ही है। उन्होंने बताया कि कल घर पर आधार कार्ड नहीं दिखाया गया था और अगल बगल की औरत पुलिस को घेरने लगी थी। इसी कारण उसे थाने पर लाया गया। सुबह में सत्यापन सत्यापन पश्चात पीआर बॉण्ड पर छोड़ दिया गया।




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