bihar people who return from myanmar and thailand said they kept us hungry not give permission to talk on phone भूखे रखते थे, फोन पर बातचीत की नहीं थी इजाजत; म्यांमार और थाईलेंड से लौटे बिहारियों का दर्द, Bihar Hindi News - Hindustan
More

भूखे रखते थे, फोन पर बातचीत की नहीं थी इजाजत; म्यांमार और थाईलेंड से लौटे बिहारियों का दर्द

  • मो. रहीम ने बताया कि उनका बेटा पटना में रहकर दारोगा की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वहीं, मो. मंसूर ने बताया कि वे समस्तीपुर के निवासी हैं। उनके पुत्र मो. मुअल्लीम का ससुराल फतेहपुर में हैं और वहीं का एक दलाल उसे विदेश भेजकर अच्छी कमाई का झांसा दिया था। उसे थाइलैंड पहुंचा दिया गया था।

Thu, 13 March 2025 06:07 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, पटना
share
भूखे रखते थे, फोन पर बातचीत की नहीं थी इजाजत; म्यांमार और थाईलेंड से लौटे बिहारियों का दर्द

म्यांमार एवं थाईलैंड से वापस लाए गए 10 बिहारी युवकों को दिल्ली से सड़क मार्ग से पटना लाया गया। बुधवार शाम करीब पांच बजे पटना पहुंचने के बाद इन्हें आर्थिक अपराध इकाई के मुख्यालय में लाया गया। जहां उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया। वहीं, राज्य निवासी चार अन्य युवकों को भी लाया जा रहा है। इस तरह राज्य निवासी 14 युवकों को अब तक म्यांमार से लाया जा चुका है।

इन युवकों के परिजनों ने बातचीत में बताया कि भारत से म्यांमार के रास्ते उन्हें थाईलैंड ले जाया गया था। इसके बाद वहां उनसे जबरदस्ती साइबर संबंधी ठगी काम कराया जा रहा था। उन्हें घर वालों से बातचीत की इजाजत नहीं थी। बात नहीं मानने पर भूखे रखते थे। उन पर 24 घंटे नजर रखी जाती थी। उन्हें उनके परिचित कबूतरबाजों ने ही विदेश भेजकर अच्छे पद एवं सैलरी मिलने का झांसा दिया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:परिवहन विभाग की फर्जी वेबसाइट, यूं हो रही ऑनलाइन ठगी; 15 दिन में 10 हजार शिकार
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:तेज हवाएं और 36 डिग्री का टॉर्चर, आसमान में इस दिन रहेंगे बादल; मौसम का हाल

इनमें मो. रिजवान के पिता मो. रहीम और मो. मुअल्लीम के पिता मो. मंसूर की आंखें अपने बेटों की सकुशल वापसी को देख छलक पड़ी। मो. रहीम ने आरोप लगाया कि तुरूकौलिया, मुजफ्फरपुर निवासी एक व्यक्ति ने रिजवान को विदेश भेजा था। वह इन दिनों मुंबई में रहता है। 20 मार्च 2024 को उसे विदेश ले जाया गया था। उसे भेजने में 1.20 लाख रुपये पेशगी खर्च मांगी गई थी। बाद में पता चला कि उसे टूरिस्ट वीजा पर भेजकर वहां फंसा दिया गया है।

मो. रहीम ने बताया कि उनका बेटा पटना में रहकर दारोगा की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वहीं, मो. मंसूर ने बताया कि वे समस्तीपुर के लिलौहल गांव के निवासी हैं। उनके पुत्र मो. मुअल्लीम का ससुराल फतेहपुर में हैं और वहीं का एक दलाल उसे विदेश भेजकर अच्छी कमाई का झांसा दिया था। उसे थाइलैंड पहुंचा दिया गया था। वे अपने बच्चे के कष्ट की चर्चा करते हुए भावुक हो उठे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार में जमीन मालिकों को राहत की आस, वंशावली घोषित करने की बढ़ सकती है समय सीमा

युवकों से होगी पूछताछ

आर्थिक अपराध इकाई के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सभी 10 युवकों से आवश्यक पूछताछ की जाएगी। उनको विदेश पहुंचाने वाले दलालों का ब्योरा एकत्र किया जाएगा। कानून का दुरुपयोग नहीं होने पर उन्हें घर जाने के लिए छोड़ दिया जाएगा।

सड़क मार्ग से पटना भेजा गया

दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त के कार्यालय के अनुसार, बुधवार को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा थाईलैंड और म्यांमार से वापस लाए गए चार अन्य बिहार के युवकों को सौंपा गया। उन्हें बुधवार सुबह में सड़क मार्ग से पटना भेजा गया है। पुलिस अभिरक्षा में भेजे गए चार युवक गुरुवार को पटना पहुंचेंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गंगा नदी में बहाते थे नाले का पानी, पटना में इन दो बड़ी एजेंसियों पर FIR दर्ज
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।