Bihar NDA Seat Sharing JDU BJP plan Chirag 18 to 22 seats one rajya sabha Manjhi Kushwaha 7 to 8 seats चिराग 18-22 और 1 RS; मांझी-कुशवाहा 7-9; क्या है NDA में सीट बंटवारे पर JDU-BJP का प्लान?, Bihar Hindi News - Hindustan
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चिराग 18-22 और 1 RS; मांझी-कुशवाहा 7-9; क्या है NDA में सीट बंटवारे पर JDU-BJP का प्लान?

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए और महागठबंधन में सीट बंटवारे पर अनौपचारिक बातचीत और बैठकों का दौर चल रहा है। लेकिन सहमति नहीं बन पा रही है, क्योंकि हर पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीट लड़ना चाहती है।

Fri, 25 July 2025 02:24 PMRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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चिराग 18-22 और 1 RS; मांझी-कुशवाहा 7-9; क्या है NDA में सीट बंटवारे पर JDU-BJP का प्लान?

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी दलों के महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे पर अनौपचारिक बातचीत और औपचारिक बैठकों का दौर चल रहा है। दोनों तरफ जबर्दस्त खींचतान और प्रेशर पॉलिटिक्स चल रही है। एनडीए में जनसभा से ताकत दिखाई जा रही है और ज्यादा सीटों के लिए दबाव बनाया जा रहा है। एनडीए के अंदर मुख्य बातचीत सीएम नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच चल रही है। चिराग पासवान हों या जीतनराम मांझी या फिर उपेंद्र कुशवाहा, तीनों भाजपा से बात कर रहे हैं जो तीनों के लिए जेडीयू से डील कर रही है।

एनडीए सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से पटना तक नेताओं की मुलाकात उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) सीटों की बात भाजपा से कर रही है। भाजपा उस पर जेडीयू से चर्चा कर रही है। जिन सीटों पर एक से अधिक पार्टियों का दावा है, उन पर जातीय समीकरण जैसे तर्क-वितर्क चल रहे हैं। लेकिन जेडीयू और बीजेपी के बीच यह आम सहमति है कि 243 में 201 से 205 सीटें दोनों लड़ेंगे। बाकी तीन दलों के लिए 38 से 42 सीट छोड़ने की योजना है।

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नीतीश के प्रभाव को देखते हुए यह समझदारी भी है कि जेडीयू किसी भी सूरत में बीजेपी से एक सीट ज्यादा ही लड़ेगी। बीजेपी 101 सीट लड़ती है तो जेडीयू 102 तो लड़ेगी ही लड़ेगी। बीजेपी 102 लड़ेगी तो जेडीयू कम से कम 103 लड़ेगी। 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए में 4 दल थे और तब जेडीयू 115 और बीजेपी 110 सीट लड़ी थी। 11 सीट लड़े मुकेश सहनी अब विपक्ष के साथ हैं। 7 सीट वाले मांझी पहले से ज्यादा मजबूत और भाजपा व जेडीयू के काफी नजदीक हैं। चिराग और कुशवाहा के लिए बीजेपी-जेडीयू को कम से कम 25-30 सीट निकालना होगा।

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एनडीए के अंदर चल रही चर्चा के मुताबिक चिराग 30 सीट के साथ एक राज्यसभा भी मांग रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि चिराग अब मां रीना पासवान को भी सांसद बनाना चाहते हैं। बीजेपी ने चिराग के लिए 18 से 22 सीटों का रेंज रखा है और एक राज्यसभा मिलने की सूरत में इसमें और कुछ कमी के लिए मन बनाने कहा है। डिप्टी सीएम भी डील का हिस्सा हो सकता है, जिसके लिए अरुण भारती का नाम चिराग बढ़ा सकते हैं। चिराग खुद के लिए सीएम से नीचे के किसी ओहदे के लिए तैयार नहीं हैं।

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चिराग के खिलाफ खुलकर बोल रहे मांझी एनडीए के अंदर वोट ट्रांसफर क्षमता को मसला बना रहे हैं और बीजेपी-जेडीयू को बता रहे हैं कि वोट ट्रांसफर के मामले में मुसहर जाति का रिकॉर्ड पासवान से बेहतर है। याद दिला दें कि 2020 में चिराग जब अकेले लड़े थे तो जेडीयू तीसरे नंबर पर पहुंच गई थी। हालांकि अब चिराग के अकेले लड़ने की संभावना कम है, लेकिन जब प्रशांत किशोर और चिराग पासवान एक-दूसरे की तारीफ करते रहते हैं तो एनडीए कैंप में राजनीतिक धड़कनें बढ़नी स्वाभाविक है।

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जीतनराम मांझी 2020 से ज्यादा सीट मांग तो रहे हैं लेकिन भाजपा उन्हें 7-9 सीट के रेंज में देख रही है। इकलौते सांसद होने के बावजूद बड़े मंत्रालय का कैबिनेट मंत्री और बेटे संतोष सुमन को राज्य में मंत्री बनाने की याद दिलाकर बीजेपी मांझी को मना सकती है। लोकसभा चुनाव में राज्य में एनडीए को मिली चोट की एक वजह रहे उपेंद्र कुशवाहा को भी बीजेपी 7-9 सीट के दायरे में रखकर चल रही है। चर्चा है कि चुनाव से पहले उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है, फिर कोई जिद जैसी हालत कुशवाहा नहीं पैदा करेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले शाहाबाद को सेट करना एनडीए की प्राथमिकता है, जहां 2024 से पहले 2020 में भी उसे निराशा हाथ लगी थी।

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मुकेश सहनी आखिरी मौके पर भी पलट सकते हैं, इसलिए संभावना है कि एनडीए में सीटों का अंतिम बंटवारा तब तक ना हो, जब तक विपक्षी महागठबंधन में पार्टियां अपनी-अपनी सीटें ना गिन लें। 2020 के चुनाव में सहनी सीट बंटवारे पर तेजस्वी यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलकर एनडीए में चले गए थे और तब बीजेपी ने अपने कोटे की 11 सीट उनको दी थी। महागठबंधन में बहुत ज्यादा सीट मांग रहे सहनी कम सीट मिलने पर फिर भागते हैं तो बीजेपी-जेडीयू को अपने अलावा बाकी तीन दलों की सीटों में अतिरिक्त कटौती करनी होगी।

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