राज्यसभा चुनाव में फतह, अब बिहार विधान परिषद की बारी; भाजपा का दावा- MLC इलेक्शन भी हारेगी आरजेडी
बिहार में भाजपा ने दावा किया है कि राज्यसभा चुनाव की तरह एमएलसी इलेक्शन में भी विपक्ष का सूपड़ा साफ होगा और एनडीए सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगा।

राज्यसभा चुनाव में बिहार की सभी पांचों सीटें जीतने के बाद एनडीए का जोश हाई हो है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) एवं जनता दल यूनाइटेड (JDU) एवं अन्य सहयोगी दलों की नजर अब बिहार विधान परिषद के चुनाव पर टिक गई है। बिहार में इस साल एमएलसी की 11 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। भाजपा ने इस चुनाव में भी एनडीए के क्लीन स्वीप का दावा करना शुरू कर दिया है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को कहा कि राज्यसभा की तरह एमएलसी चुनाव में भी लालू एवं तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का सुपड़ा साफ होगा। उन्होंने आरजेडी को यह भी सलाह दी कि आगामी एमएलसी चुनाव में विपक्ष कोई उम्मीदवार नहीं उतारे।
भाजपा नेता ने कहा, " 2026 में विधान परिषद की जो भी सीटें खाली हो रही हैं, उन सभी पर एनडीए शानदार जीत हासिल करेगा। आरजेडी के लोग टकटकी लगाए रहते हैं। उन्हें हारने की आदत हो गई है। राज्यसभा की तरह इस चुनाव में भी हार का मुंह उन्हें देखना पड़ेगा। विपक्ष में राजनीतिक समझ होगी तो वे अपना उम्मीदवार ही नहीं देंगे।"
राज्यसभा चुनाव में एनडीए का क्लीन स्वीप
बता दें कि पिछले महीने बिहार की 5 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए थे। सभी पर एनडीए के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा नेता शिवेश कुमार राम शामिल हैं।
विपक्ष के चार विधायक वोटिंग से रहे थे गायब, आरजेडी प्रत्याशी की हुई हार
वहीं, राज्यसभा चुनाव में आरजेडी के प्रत्याशी रहे एडी सिंह को हार का सामना करना पड़ा था। आरजेडी नेता लालू एवं तेजस्वी यादव ने एडी सिंह को जिताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 और बसपा के एक विधायक को भी अपने साथ कर लिया था। मगर कांग्रेस के 3 और एक आरजेडी विधायक 16 मार्च को मतदान करने ही नहीं पहुंचे। महागठबंधन विधायकों के वोटिंग से गायब रहने के चलते आरजेडी प्रत्याशी एडी सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
कितनी सीटों पर होंगे एमएलसी चुनाव?
बताया जा रहा है कि इस साल बिहार विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव होना है। जून में 7 एमएलसी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके बाद नवंबर में भी 8 सीटें खाली होंगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मंत्री मंगल पांडेय के विधायक बनने के बाद उनकी एमएलसी सीटें भी खाली हुई हैं, जिन पर उपचुनाव होगा। इन सीटों का कार्यकाल 2030 तक है।




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