मरीजों को मिलेगा टोकन, डिस्प्ले डिवाइस पर जानकारी; सरकारी अस्पतालों की सूरत बदलने का प्लान
- इस नई व्यवस्था के तहत ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर मरीजों के पंजीयन के साथ ही उन्हें टोकन नंबर दिया जाएगा। इसमें संबंधित चिकित्सक का नाम अंकित रहेगा। इससे मरीजों को अपनी बारी का इंतजार व्यवस्थित तरीके से करने में मदद मिलेगी।
बिहार के सरकारी अस्पतालों में कतार प्रबंधन प्रणाली लागू होगी। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिला से लेकर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक की ओपीडी सेवा में टोकन के जरिए नंबर लगाने की व्यवस्था लागू होने जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि कतार प्रबंधन प्रणाली (क्यू मैनेजमेंट सिस्टम) को सुदृढ़ करते हुए इसके तहत टोकन डिस्प्ले डिवाइस (इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले डिवाइस) और पब्लिक एड्रेस सिस्टम को अधिक प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
ओपीडी सेवाओं में पारदर्शिता और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कतार प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे न सिर्फ भीड़ प्रबंधन में सुधार होगा। मंत्री ने कहा कि कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और मरीजों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग निरंतर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं ससमय स्वास्थ्य सेवा प्रदान कराने की दिशा में प्रयत्नशील है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सुगम ओपीडी सेवाएं प्रदान करने से राज्य के स्वास्थ्य मानकों में भी आपेक्षित सुधार होगा।
इस तरह कार्य करेगी यह प्रणाली
इस नई व्यवस्था के तहत ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर मरीजों के पंजीयन के साथ ही उन्हें टोकन नंबर दिया जाएगा। इसमें संबंधित चिकित्सक का नाम अंकित रहेगा। इससे मरीजों को अपनी बारी का इंतजार व्यवस्थित तरीके से करने में मदद मिलेगी। नर्सिंग डेस्क और ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर पर भी टोकन नंबर और संबंधित जानकारी इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले डिवाइस पर प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा सभी चिकित्सकों के कक्षों के बाहर उनके नाम और टोकन नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। मरीज की बारी आने पर उनका टोकन नंबर और नाम प्रदर्शित होने पर वह आसानी से चिकित्सक तक पहुंच सकते हैं।




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