Bihar Flood: गांवों का संपर्क टूटा, 19 लोग डूब गए; बिहार में बाढ़ से कई जिलों में तबाही, गंगा समेत कई नदियां उफान पर
Bihar Flood: पटना सहित प्रभावित जिलों में आवागमन के लिए 1000 से अधिक नावें चलाई जा रही हैं। पटना के 24 पंचायतों में 1 लाख 85 हजार लोग प्रभावित हैं, जहां 104 नावें चल रही हैं। भोजपुर के 30 पंचायतों में 1 लाख 68 हजार प्रभावित हैं, 261 नावें चल रही हैं।
Bihar Flood: गंगा और इसकी कुछ सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि की वजह से बिहार के पांच जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। रविवार को भागलपुर शहर के कुछ नए निचले इलाकों में गंगा का पानी फैल गया। यहां विश्वविद्याल के गेस्ट हाउस में भी पानी भर गया है। पटना जिले के दियारा इलाके में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि नालंदा और बेगूसराय में भी कई गांव बाढ़ की चपेट में है। उधर, राज्य भर में बाढ़ के पानी में डूबने से रविवार को 19 लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में बेगूसराय के आठ, भागलपुर, सीवान और भोजपुर, खगड़िया में दो-दो तथा मुंगेर, वैशाली व कटिहार के एक-एक शामिल हैं। सीमांचल व पूर्वी बिहार के जिलों में बाढ़ के पानी में डूबकर चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो भागलपुर के, एक-एक खगड़िया व कटिहार के थे। भागलपुर में डूबने से दो की मौत हुई, जिनमें एक सुपौल से आए कांवरिया और पीरपैंती की 12 वर्षीय बच्ची शामिल हैं। खगड़िया के तेमथा गांव में 88 वर्षीय नरेश शर्मा की रात में शौच के लिए निकलने पर डूबकर मौत हो गई।
कटिहार के अमदाबाद में 65 वर्षीय बुजुर्ग की डूबकर मौत हुई। बेगूसराय में मां-बेटी समेत आठ लोगों की मौत हुई। शाम्हो में तीन, बछवाड़ा में दो तथा साहेबपुरकमाल, मटिहानी व बरौनी में एक-एक की जान गई। सीवान में पोखरे में डूबने से एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों की मौत हुई। भोजपुर में बालूचक गांव के 56 वर्षीय राजेंद्र माली व बड़की सिंगही में एक दिव्यांग युवक की डूबकर मौत हुई।
बाढ़ से 8 जिलों की 12.58 लाख आबादी प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि राज्य के आठ जिलों के 230 पंचायतों में 12 लाख 58 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। पटना सहित प्रभावित जिलों में आवागमन के लिए 1000 से अधिक नावें चलाई जा रही हैं। पटना के 24 पंचायतों में 1 लाख 85 हजार लोग प्रभावित हैं, जहां 104 नावें चल रही हैं। भोजपुर के 30 पंचायतों में 1 लाख 68 हजार प्रभावित हैं, 261 नावें चल रही हैं। वैशाली के 23 पंचायतों में 1 लाख 67 हजार प्रभावित हैं, 165 नावें तैनात हैं।
लखीसराय के 4 पंचायतों में 11,600 लोग प्रभावित हैं, 23 नावें हैं। भागलपुर के 67 पंचायतों में 2 लाख 37 हजार प्रभावित हैं, 53 नावें हैं। मुंगेर के 28 पंचायतों में 1 लाख 26 हजार प्रभावित हैं, 80 नावें हैं। बेगूसराय के 36 पंचायतों में 3 लाख 15 हजार प्रभावित हैं, 196 नावें चल रही हैं। सारण के 18 पंचायतों में 38,340 लोग प्रभावित हैं, 125 नावें हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की 22 और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात हैं।
बक्सर से भागलपुर तक गंगा खतरे निशान से पार
गंगा समेत राज्य की तमाम नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा की यह स्थिति बक्सर से लेकर भागलपुर तक की है। राज्य के डेढ़ दर्जन जिलों में तटबंधों पर दबाव की स्थिति है, जिसकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार बिहार में जिन भी जिलों से गंगा गुजरती है, सभी जगहों पर यह उफान पर है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, अघवारा, पुनपुन, सोन, कमला बलान, भूतही बलान, महानंदा और घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
ग्रामीण इलाकों की कई सड़कें बंद, शहर में और बढ़ा पानी
नदियों के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ विकराल हो गई है। भागलपुर, खगड़िया और मुंगेर के शहरी व ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। भागलपुर-सुल्तानगंज के बीच एनएच-80 पर पानी चढ़ने से शनिवार को प्रशासन ने आवागमन रोक दिया था, वहीं रविवार को भागलपुर से सन्हौला जाने वाली गोराडीह सड़क पर भी बाढ़ का पानी आ गया है।
सबौर, कहलगांव एवं पीरपैंती में कई ग्रामीण सड़कें जलमग्न हो गई हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण रविवार को शहरी क्षेत्र में भी पानी बढ़ा। पीरपैंती, कहलगांव और सबौर के इलाके में बाढ़ की स्थिति ज्यादा खतरनाक हो गई है।
कई विस्थापितों को घड़ियाल ने काटा
नाथनगर (प्रखंड क्षेत्र की सात पंचायतों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। रविवार सुबह नौ बजे बाढ़ राहत शिविर जाने के दौरान एक बड़े घड़ियाल ने कुल सात लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।




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