400 से ज्यादा पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगा बिहार चुनाव; निर्वाचन आयोग का फैसला
निर्वाचन आयोग ने बिहार चुनाव के लिए 400 से ज्यादा पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। जिसमें आईएएस, आईपीएस और आईआरएस अधिकारी शामिल है। चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्त 4-5 अक्टूबर को बिहार दौरे पर भी आ रहे हैं।

बिहार चुनाव की तैयारियां निर्वाचन आयोग ने तेज कर दी है। 400 से ज्यादा केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में चुनाव होगा। इलेक्शन कमीशन ने बिहार विधानसभा चुनाव के साथ जम्मू-कश्मीर (एसी बडगाम और नगरोटा), राजस्थान (एसी-अंता), झारखंड (एसी-घाटशिला), तेलंगाना (एसी-जुबली हिल्स), पंजाब में उप-चुनावों के लिए अलग-अलग राज्यों में कार्यरत 470 अधिकारियों जिसमें (320 आईएएस, 60 आईपीएस और 90 आईआरएस/आईआरएएस/आईसीएएस) को केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया है।
चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पर्यवेक्षक अपनी नियुक्ति से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक आयोग के अधीक्षण, नियंत्रण और अनुशासन के अधीन काम करेंगे। पर्यवेक्षकों को चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी जाती है। जो लोकतांत्रिक राजनीति का आधार है। पर्यवेक्षक आयोग की आंख और कान के रूप में कार्य करते हैं, और आयोग को रिपोर्ट करते रहते हैं।
पर्यवेक्षक न केवल स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने के अपने संवैधानिक दायित्व को पूरा करने में आयोग की सहायता करते हैं, बल्कि मतदाताओं की जागरूकता और चुनावों में उनकी भागीदारी बढ़ाने में भी योगदान देते हैं। प्रशासनिक सेवाओं में अपनी वरिष्ठता और लंबे अनुभव के आधार पर, सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में आयोग की सहायता करते हैं।
वहीं बिहार चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग का दौरा 4-5 अक्टूबर को होगा। दौरे में मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्त शामिल रहेंगे। आयोग की उच्चस्तरीय टीम राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेगी। इसके पहले तीन अक्टूबर को नई दिल्ली में बिहार चुनाव के पर्यवेक्षकों के साथ आयोग की बैठक होगी। इसमें सामान्य, पुलिस और व्यय तीनों पर्यवेक्षक शामिल रहेंगे। तैयारियों की समीक्षा के बाद किसी भी दिन चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा की जा सकती है।




साइन इन