बिहार में शिक्षा विभाग के ACS का इस्तीफा? एस सिद्धार्थ ने खुद किया खंडन
एसीएस एस सिद्धार्थ ने कुछ मीडिया रिपोर्ट में उनके इस्तीफे के संबंध में चल रही खबरों का खंडन किया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने शिक्षा विभाग के मीडिया ग्रुप पर अपने इस्तीफे का खंडन किया है।

बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉक्टर एस. सिद्धार्थ ने अपने पद से इस्तीफा देने से संबंधित खबरों का खंडन कर दिया है। इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा था कि ACS एस सिद्धार्थ ने वीआरएस के तहत अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेजा है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा था कि डॉक्टर एस. सिद्धार्थ ने अपना इस्तीफा 17 जुलाई को ही सौंप दिया था।
लेकिन अब एसीएस एस सिद्धार्थ ने कुछ मीडिया रिपोर्ट में उनके इस्तीफे के संबंध में चल रही खबरों का खंडन किया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने शिक्षा विभाग के मीडिया ग्रुप पर अपने इस्तीफे का खंडन किया है। कुछ मीडिया पोर्टल पर उनके इस्तीफे की खबर चलने के बाद उनका यह खंडन आया है।
बहरहाल आपको बता दें कि शिक्षा विभाग में डॉक्टर एस सिद्धार्थ की कार्यशैली हमेशा चर्चा में रहती है। एस सिद्धार्थ की पहचान एक तेज-तर्रार आईएएस के तौर पर है। अपने कार्यकाल में एस सिद्धार्थ ने बिहार के सरकारी स्कूलों में छात्रों की ज्यादा से ज्यादा उपस्थिति पर जहां जोर दिया तो वहीं एस सिद्धार्थ शिक्षकों की हाजिरी पर भी विशेष ध्यान देते हैं। एस सिद्धार्थ अक्सर अपने कार्यालय से वीडियो कॉल कर इस बात की भी जांच करते रहे हैं कि स्कूल में छात्रों की उपस्थिति कैसी है और शिक्षक स्कूल में मौजूद हैं या नहीं।
शिक्षा विभाग के एसीएस डॉक्टर एस सिद्धार्थ साल 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वो इस साल नवंबर के महीने में रिटायर होने वाले हैं। चाय की दुकानों पर आम लोगों से बातचीत और दुकान पर खुद मिठाई बनाकर भी एस सिद्धार्थ चर्चा में रहे। आपको बता दें कि इससे पहले हाल ही में एक अन्य आईएएस अफसर दिनेश कुमार राय ने अपने पद से वीआरएस लिया था।




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