बिहार के इस जिले में हर साल 456 करोड़ रुपये का आलू खा जा रहे हैं लोग, 56 हजार किलो वाला आलू चर्चा में
Bihar Top News: भागलपुर जिले में हर साल 456 करोड़ रुपये के आलू की खपत होती है। रिपोर्ट में दुनिया के सबसे महंगे आलू 'ली बोनॉट' की भी चर्चा है, जिसकी कीमत 56,000 रुपये प्रति किलो है।

Bihar Top News: बिहार के भागलपुर जिले से खान-पान को लेकर एक बेहद दिलचस्प और हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। आज 'आलू दिवस' के मौके पर जारी की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, भागलपुर के लोग आलू खाने के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। कभी दक्षिण अमेरिका के एंडिज पर्वतमालाओं में उगाया जाने वाला आलू आज भागलपुर सहित पूरे देश के मुख्य आहारों में शीर्ष पर शामिल हो चुका है। करीब 350 से 400 साल पहले ब्रिटिश मिशनरियों और पुर्तगाली व्यापारियों द्वारा भारत लाए गए आलू का स्वाद लोगों की जुबां पर इस कदर चढ़ चुका है कि केवल भागलपुर जिले के लोग ही हर साल करीब 456 करोड़ रुपये का आलू खा जा रहे हैं।
हर महीने 38 से 40 करोड़ की खपत
आंकड़ों पर गौर करें तो भागलपुर की थोक मंडियों में हर रोज औसतन 25 ट्रक यानी लगभग 250 से 300 क्विंटल आलू की आवक होती है। इस हिसाब से जिले में हर महीने 38 से 40 करोड़ रुपये का आलू बिक जाता है, जो सालाना आधार पर 456 करोड़ रुपये के भारी-भरकम आंकड़े को पार कर जाता है। हैरानी की बात यह है कि भागलपुर के विभिन्न उत्पादक प्रखंडों—सबौर, नाथनगर, पीरपैंती, गोराडीह, शाहकुंड, सन्हौला और नवगछिया में हर साल औसतन 1165 हेक्टेयर में आलू की खेती की जाती है, जिससे 46,287 मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। इसके बावजूद जिले में उपजाया जाने वाला आलू स्थानीय खपत के सामने नाकाफी साबित होता है, जिसके कारण उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से भारी मात्रा में आलू मंगवाना पड़ता है।
दुनिया का सबसे महंगा आलू 'ली बोनॉट'
इस रिपोर्ट में दुनिया के सबसे महंगे आलू की वैरायटी का भी एक बेहद रोचक खुलासा किया गया है। जहां सामान्य तौर पर आलू बाजार में 25 से 30 रुपये किलो मिल जाता है, वहीं आलू की एक ऐसी दुर्लभ प्रजाति भी है जिसकी कीमत में आप 10 ग्राम सोने की माला खरीद सकते हैं। इस आलू का नाम 'ली बोनॉट' है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह केवल 10 दिनों के लिए ही बाजार में आता है और फिर गायब हो जाता है। भारत में ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म 'ट्रेड इंडिया' पर इसे 56,020 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा चुका है। महंगे होटलों में इसका प्रयोग मुख्य रूप से सलाद, क्रीम और सूप बनाने के लिए किया जाता है।




साइन इन