हे गे माय, एकरा से चल, ई फ्री वाला छैके...
नि:शुल्क फेरी सेवा ने अवसरवादियों के मंसूबों पर पानी फेरा निजी नाविक यात्रियों से 50

भागलपुर, वरीय संवाददाता बरारी पुल घाट पर मंगलवार का नजारा कुछ बदला-बदला था। जहां एक दिन पहले तक आपदा की मार झेल रहे बेबस लोगों से निजी नाविक मनमाना किराया वसूल रहे थे, वहीं जिला प्रशासन द्वारा नि:शुल्क फेरी सेवा की शुरुआत ने इन अवसरवादियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।इस बदलते मंजर की एक बेहद मार्मिक तस्वीर उस वक्त दिखी, जब एक युवक अपनी वृद्ध मां का हाथ थामे घाट पर खड़ा था। निजी नाविक उसे जल्दी पहुंचाने का प्रलोभन देकर 50 रुपये प्रति सवारी के हिसाब से सौदेबाजी कर रहा था। मजबूरी और थकान के बीच युवक अपनी मां को लेकर उसी नाव की ओर बढ़ ही रहा था कि तभी गंगा की लहरों को चीरता हुआ जिला प्रशासन का विशाल स्टीमर घाट पर आ लगा।
तभी कंट्रोल रूम से गूंजती उद्घोषणा ने पूरे घाट का माहौल बदल दिया। ‘नि:शुल्क फेरी सेवा में आपका स्वागत है, यात्री बिना किसी शुल्क के महादेवपुर घाट तक जा सकते हैं।’यह सुनते ही युवक के चेहरे पर राहत की चमक दौड़ गई। उसने अपनी मां का हाथ थामकर कदम पीछे खींचे और ठेठ अंगिका के अपनत्व में भरकर कहा- ‘हे गे माय, एकरा से चल, ई फ्री वाला छैके...’ बेटे के इन शब्दों में केवल पैसे की बचत नहीं, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता के प्रति एक भरोसा था। जहां कल तक मजबूरी का सौदा हो रहा था, वहां आज सरकारी स्टीमर ने न केवल दूरी मिटाई, बल्कि उन नाविकों की कमर भी तोड़ दी जो आपदा में अपनी जेबें भरने में लगे थे। युवक और उसकी मां अब उस सुरक्षित और मुफ्त जहाज पर सवार थे, जो केवल घाट नहीं, बल्कि उम्मीदों की मंजिल तक जा रहा था।
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