सदर अस्पताल में 11 बेड का वातानुकूलित शीतल कक्ष तैयार
भभुआ में गर्मी और डायरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य महकमा ने विशेष वार्ड तैयार किए हैं। सदर अस्पताल में 11 बेड का वातानुकूलित शीतल कक्ष और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो बेड के विशेष कक्ष स्थापित किए गए हैं। मेडिकल टीमों को मरीजों का इलाज करने के लिए तैयार किया गया है और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

सीचसी और पीएचसी में दो-दो बेड के स्पेशल वार्ड किया गया है तैयार गांवों में डायरिया फैलने पर इलाज करने के लिए मेडिकल टीम गठित (पटना का टास्क) भभुआ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। गर्मी और लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में है। सदर अस्पताल में 11 बेड का वातानुकूलित शीतल कक्ष तैयार किया गया है। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो-दो बेड का विशेष कक्ष तैयार किया गया है। इसके अलावा किसी गांव में डायरिया फैलने की सूचना पर मरीजों का इलाज करने के लिए सभी अस्पतालों में मेडिकल टीम गठित की गई है। इस टीम में चिकित्सक और पारा मेडिकल स्टाफ शामिल हैं।
साथ ही एंबुलेंस, ऑक्सीजन, दवा, स्लाइन बोतल व अन्य जरूरी चीजें मेडिकल टीम को उपलब्ध कराई गई है। शीतल कक्ष में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। सिविल सर्जन के निर्देश पर जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने गर्मी, लू व तपिश से बीमार लोगों के इलाज के लिए विशेष वार्ड स्थापित किया गया है। लू व भीषण गर्मी से मरीजों के इलाज के लिए इस कक्ष में ओआरएस, स्लाइन बोतल, आईभी फ्लूड, ऑक्सीजन, आरएल, एनएस, पारासिटामोल, एएसभीएस उल्टी, दस्त, बुखार, दर्द आदि की दवाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। इस कक्ष में तीन शिफ्ट में 24 घ्ंाटा मरीजों का इलाज चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी करेंगे। सदर अस्पताल में लू वाले मरीजों की स्वास्थ्य जांच व इलाज के लिए डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मी को ड्यूटी अलग से लगाई गई है। मरीजों के लिए वार्ड में एसी, पंखा, कूलर, शीतल पेयजल आदि की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सदर अस्पताल में लू व डायरिया से पीड़ित मरीजों की सुविधा के लिए विशेष वार्ड स्थापित किया गया। गर्मी से बचाव के लिए मेडिकल टीम भी रहेगी तैनात भभुआ। लू व गर्मी से बचाव के लिए जिले से लेकर प्रखंड स्तर पर मेडिकल टीम भी तैयार करने का निर्देश सीएस द्वारा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया गया। सीएस ने जिला स्तर पर एक व प्रखण्ड स्तर पर एक-एक मेडिकल टीम एम्बुलेंस में जीवन रक्षक दवाओ के साथ तैनात रहने की बात कही है। गर्मी से बीमार होने वाले लोगों को डॉक्टर बचाव के उपाय भी बता रहे हैं। बचाव के लिए यह अजमाएं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह कहते हैं कि बहुत ज्यादा जरूरी न हो तो दोपहर में घर से न निकले। अगर बाहर निकलना ही पड़े तो खूब पानी पी लें। हल्के कपड़े पहने। काले और भारी भरकम कपड़े पहनने से परहेज करें। नियमित आहार में ताजे फल, सब्जियां और जूस शामिल करें। संतरा, अनानास, तरबूज, अंगूर, नींबू आदि फल खाएं। प्याज, पुदीना, खीरा, दही फायदेमंद हैं। नट्स, बीन्स, दाल, जैतून का तेल भी लाभकारी है। कोट गर्मी व लू से पीड़ित मरीजों की जांच व इलाज के लिए जिले के सदर अस्पताल सहित जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेष वार्ड स्थापित किया गया है, जिसमें डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। जीवन रक्षक दवाएं पर्याप्त हैं। डॉ. विदेंश्वरी रजक, सिविल सर्जन (भभुआ से उदय प्रकाश) फोटो- 22 अप्रैल भभुआ- 8 कैप्शन- सदर अस्पताल के इमरजेंसी भवन की उपरी मंजिल पर गर्मी में बीमार पड़ने वाले मरीजों के इलाज के लिए स्थापित शीतल कक्ष।
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