मेटेनेंस कार्य के बीच चरमराई बिजली व्यवस्था, भीषण गर्मी में उपभोक्ता बेहाल
वतन कुमारलोगों के लिए भारी मुसीबत का कारण बन गया है, क्योंकि भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह मेंटेनेंस कार्य गर्मी...

बेगूसराय। शहर में 33 केवी लाइन के रीकंडक्टिंग कार्य के चलते इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिन इलाकों में मेंटेनेंस और लाइन सुधार का काम चल रहा है, वहां लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रखी जा रही है। लेकिन यह तकनीकी कार्य अब आम लोगों के लिए भारी मुसीबत का कारण बन गया है, क्योंकि भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह मेंटेनेंस कार्य गर्मी शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाता, तो आज इस तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और समय प्रबंधन की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर के लोहिया नगर क्षेत्र में हालात सबसे अधिक खराब बताए जा रहे हैं। यहां के निवासी मालती श्रीवास्तव, राजेश सिंह, कुंदन कुमार, अनुज कुमार, विनय कुमार अंबष्ट और प्रकाश पोद्दार समेत कई लोगों ने बताया कि पूरे दिन में महज 6 से 7 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ऐसे में न सिर्फ दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि गर्मी और उमस के कारण लोगों का घर में रहना भी मुश्किल हो गया है। लोगों ने बताया कि बिजली कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। कभी सुबह, कभी दोपहर तो कभी रात में घंटों बिजली गुल रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों की पढ़ाई और खाना बनाने के समय हो रही है। बार-बार बिजली जाने से इनवर्टर भी जल्दी डिस्चार्ज हो जा रहा है, जिससे राहत का यह विकल्प भी बेअसर साबित हो रहा है। उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग का हेल्पलाइन सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है। शिकायत दर्ज कराने के लिए फोन मिलाने पर या तो लाइन लगातार व्यस्त रहती है या कॉल रिसीव ही नहीं किया जाता। अगर किसी तरह संपर्क हो भी जाता है, तो हर बार अलग-अलग कारण बताए जाते हैं कभी तार टूटने की बात, कभी ट्रांसफॉर्मर खराब होने का बहाना और कभी मेंटेनेंस कार्य का हवाला दिया जाता है। बिजली कटौती से इमारतों के में पानी की हो रही परेशानी शहर के विष्णुपुर इलाके में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। यहां के निवासी गौतम राम, मेघन राय, देवेंद्र महतो समेत अन्य लोगों ने बताया कि हर दो से तीन घंटे के अंतराल पर लगभग आधे घंटे के लिए बिजली काट दी जा रही है। इस तरह की लगातार कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच जब पंखे और कूलर की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी समय बिजली गायब हो जाती है। बच्चों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मोटर नहीं चल पाने के वजह से पानी का भी संकट हो जाता है। बार-बार बिजली आने-जाने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। उपभोक्ताओं ने बताया कि जो थोड़ी बहुत बिजली मिलती भी है, उसमें वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे, मोटर और अन्य उपकरण ठीक से काम नहीं कर पाते। बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों को पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि मोटर ठीक से नहीं चलने के कारण पानी ऊपर नहीं चढ़ पा रहा है। गैस संकट में इंडक्शन बना विकल्प बिजली कटौती से नहीं मिल रही राहत शहर में इन दिनों एक और समस्या ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। जानकारी के अनुसार, गैस एजेंसियों द्वारा कमर्शियल गैस की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके कारण होटल, ढाबा और छोटे दुकानदार अब हीटर और इंडक्शन चूल्हे का सहारा लेने को मजबूर हैं। बाजार में इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री भी अचानक बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस नहीं मिलने के कारण उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा है। लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण उनका काम भी प्रभावित हो रहा है। शहर के बाघा मोहल्ले में लॉज में रहने वाले छात्र सिट्टू कुमार, रौनक कुमार, रुपेश कुमार और धर्मवीर कुमार ने बताया कि लूज गैस मिलना मुश्किल हो गया है, इसलिए उन्होंने इंडक्शन चूल्हा खरीदा ताकि खाना बना सकें। लेकिन बिजली की अनियमितता के कारण यह भी बेकार साबित हो रहा है। छात्रों का कहना है कि बिजली कब आती है और कब चली जाती है पता नहीं चलता, जिससे पढ़ाई और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। भीषण गर्मी, लगातार बिजली कटौती की समस्या ने शहरवासियों का जीवन कठिन बना दिया है। स्थानीय उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द रीकंडक्टिंग कार्य को पूरा किया जाए और नियमित, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। कहते हैं अधिकारी बिजली आपूर्ति की कोई बड़ी समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि जनवरी माह से 33 केवी लाइन के रीकंडक्टिंग का कार्य जारी है, जिसकी पूर्व सूचना समाचार पत्रों के माध्यम से उपभोक्ताओं को दी जा चुकी है। इस कार्य के कारण बीच-बीच में अस्थायी व्यवधान हो सकता है। दो अलग-अलग एजेंसियों द्वारा मेंटेनेंस और सुधार कार्य किया जा रहा है। यह कार्य अंतिम चरण में है और संभवत: 5 मई तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद बिजली आपूर्ति और अधिक सुचारू हो जाएगी। - सूरज कुमार विद्युत कार्यपालक अभियंता रिपोर्टर:वतन कुमार
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