bearings of all pillars are Damaged of vikramshila setu investigation team found विक्रमशिला सेतु के सारे पिलरों की बियरिंग खराब, साइड वॉल भी ऊपर-नीचे; जांच में खुलासा, Bihar Hindi News - Hindustan
More

विक्रमशिला सेतु के सारे पिलरों की बियरिंग खराब, साइड वॉल भी ऊपर-नीचे; जांच में खुलासा

Vikramshila Setu: एनालिसिस के दौरान पुल के तमाम एक्सपेंशन गैप के साइड वॉल को देखा गया। चार-पांच जगहों पर साइड वॉल का ऊपर-नीचे होना पाया गया है। जो भविष्य के लिए खतरनाक संदेश बताया गया।

Thu, 7 May 2026 09:36 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, मुख्य संवाददाता, भागलपुर
share
विक्रमशिला सेतु के सारे पिलरों की बियरिंग खराब, साइड वॉल भी ऊपर-नीचे; जांच में खुलासा

Vikramshila Setu: बिहार के भागलपुर जिले में क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु के पूरे सस्पेंडेड स्पैन (स्लैब) में दिक्कत है। 4.700 किलोमीटर लंबे इस पुल में दो स्पैन ऐसे हैं, जिसे तोड़कर नये सिरे से बनाने की जरूरत है, ताकि सेतु की आयु बढ़ सके। यह विचार एनएच डिवीजन, पथ निर्माण विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और रक्षा मंत्रालय की इकाई सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की हुई संयुक्त बैठक में सामने आया है। कर्नल समर्थ गुप्ता के नेतृत्व में आई बीआरओ की टीम ने पूरे पुल के एनालिसिस में पाया कि सारे पिलरों की बियरिंग खराब है।

इस खराबी की वजह बियरिंग का एकतरफा घिसना है। एनालिसिस के दौरान पुल के तमाम एक्सपेंशन गैप के साइड वॉल को देखा गया। चार-पांच जगहों पर साइड वॉल का ऊपर-नीचे होना पाया गया है। जो भविष्य के लिए खतरनाक संदेश बताया गया। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि बियरिंग का घिसाव एकतरफा ट्रैफिक लोड से होता है। उन्होंने कहा कि भागलपुर से नवगछिया की ओर जाने वाले भारी और ओवरलोड वाहन की अपेक्षा में नवगछिया से भागलपुर आने वाली गाड़ियां हल्की होती हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:करोड़पति निकला बिहार का भ्रष्ट रजिस्ट्रार, बीवी के नाम पर जमीन भी खरीदी
ये भी पढ़ें:बिहार में बादल आज भी बरसेंगे, उत्तर बिहार में चेतावनी;दक्षिण में कैसा रहेगा मौसम

यही वजह है कि बरारी साइड से बायीं ओर पुल पूरब की अपेक्षा अधिक झुका हुआ है। ब्रिज एक्सपर्ट ने बताया कि सरकार के संज्ञान में दोनों कमजोर स्पैन को भी तोड़ने की बात लाई गई है। अब सरकार को विचार करना है कि टूटे स्लैब की मरम्मत पहले कराई जाए या शेष कमजोर स्लैब को भी तोड़कर एक साथ ही मरम्मत किया जाए। इस मुद्दे पर दो-चार दिन में तस्वीर साफ हो जाएगी। बीआरओ के अधिकारियों ने ब्रिज एक्सपर्ट की सलाह पर डैमेज दोनों स्लैब को तोड़ने की तैयारी का प्लान भी तैयार करना शुरू कर दिया है, ताकि यदि मंजूरी मिले तो उस प्वाइंट पर भी काम शुरू हो जाए।

पुल निर्माण निगम भी बीआरओ जैसे रक्षा इकाई के सहयोग से पूरे संसाधन का उपयोग करने की तैयारी में जुटा है। बीआरओ के अधिकारियों ने कहा, इस हफ्ते में पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। फिर मॉडल तय करना शेष रहेगा कि इसे बेली ब्रिज बनाना है या स्टील पाइल ब्रिज की तरह। टीम ने बुधवार को दोबारा दोनों ओर से टूटे स्लैब के किनारे को देखा। दोनों और स्लैब रखने की जगह में कमी को देखकर निर्माण तकनीक पर आश्चर्य जताया। दरअसल, दोनों ओर स्लैब रखने की जगह मात्र एक से डेढ़ फीट थी। जबकि यह जगह पांच फीट से ऊपर होनी चाहिए थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:BJP से रामकृपाल, नीतीश और दिलीप; JDU से निशांत को भी शपथ के लिए आया फोन; लिस्ट
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।