बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन पर कब से दौड़ेंगी गाड़ियां, बिहार से नेपाल और झारखंड जाना होगा आसान
यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी को सुगम बनाने और आमजन के आवागमन को सहज करने में अहम साबित होगा। इस पुल के निर्माण से महात्मा गांधी सेतु एवं राजेंद्र सेतु पर यातायात का बोझ भी कम होगा और लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी।

बिहार के बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन पर अगले साल जून से गाड़ियां दौड़ने लगेंगी। सड़क का 65 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस साल के दिसंबर तक सड़क बनकर तैयार हो जाएगी। गंगा ब्रिज से लेकर सड़क की कुल लंबाई 51 किमी है। इसमें 5.5 किलो मीटर गंगा ब्रिज का निर्माण होना है। ब्रिज अगले साल जून तक तैयार होगा। इस पुल में 44 पिलर हैं, जो बनकर तैयार हो चुके हैं।
बख्तियारपुर और समस्तीपुर दोनों तरफ से गंगा नदी में ब्रिज का काम चल रहा है। ब्रिज के फाउंडेशन का काम पूरा कर लिया गया है। अब सुपर स्ट्रक्चर का काम प्रगति पर है। पिलर के ऊपर सेगमेंट रखा जा रहा है। पथ निर्माण विभाग अंतर्गत बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की ओर से 3929 करोड़ रूपये की राशि से करजान (बख्तियारपुर) ताजपुर (समस्तीपुर) फोरलेन पुल और पहुंच पथ परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है।
पुल के निर्माण से ये फायदे…
यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी को सुगम बनाने और आमजन के आवागमन को सहज करने में अहम साबित होगा। इस पुल के निर्माण से महात्मा गांधी सेतु एवं राजेंद्र सेतु पर यातायात का बोझ भी कम होगा और लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी। इससे महत्वपूर्ण पर्यटन, धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक और प्रमुख चिकित्सा संस्थानों तक जाने में समय की बचत होगी। यह पुल मिथिलांचल को मगध से सीधे जोड़ते हुए नेपाल और झारखंड के साथ व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
इन जिलों को पहुंचेगा लाभ…
यह पुल समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय की ओर से आने-जाने वाले वाहनों का एक वैकल्पिक मार्ग होगा। यह पथ ताजपुर में एनएच-122, चकलालशाही में एनएच 322, पटना जिले के करजान (बख्तियारपुर) के पाल राष्ट्रीय उच्च पथ-31 से शुरू होकर समस्तीपुर जिले के ताजपुर तक राष्ट्रीय उच्च पथ-28 को जोड़ेगा।
ताजपुर से चकलालशाही तक सड़क बनी
समस्तीपुर के ताजपुर से चकलालशाही तक सड़क बन चुका है। चकलालशाही से समस्तीपुर गंगा नदी तक और करजान से बख्तियारपुर गंगा नदी तक सड़क का काम प्रगति पर है। सड़क इस साल के दिसंबर तक तैयार हो जाएगा। करजान और ताजपुर के आपस में जुड़ जाने से एनएच-31 और एनएच-28 का सीधा संपर्क हो जाएगा। उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच एक और संपर्कता बनेगी।




साइन इन