बच्चो के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए पोषण पखवारा शुरू
शंभू प्रसाद बेतिया, निज संवाददाता। जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर 9 अप्रैल

शंभू प्रसाद बेतिया, निज संवाददाता।जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर 9 अप्रैल से पोषण पखवारा 2026 का शुभारंभ हो गया है। यह अभियान 23 अप्रैल तक चलेगा। विभागीय नर्दिेशानुसार आयोजित पोषण पखवारा का मुख्य उद्देश्य बच्चों के जीवन के पहले छह वर्षों में सही पोषण और प्रारंभिक बाल उद्दीपन के महत्व को जन जन तक पहुंचना है। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के अभिभावकों को संतुलित आहार, टीकाकरण, स्वच्छता और मानसिक विकास से जुड़े पहलुओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग द्वारा नर्धिारित गतिविधि कैलेंडर के अनुसार 9 से 15 अप्रैल तक मातृ एवं शिशु पोषण तथा 0-3 वर्ष तक के बच्चों के प्रारंभिक विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस अवधि में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, नवजात शिशुओं की देखभाल और बच्चों के मस्तष्कि एवं भाषा विकास को बढ़ावा देने के लिए विभन्नि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वही 16 से 23 अप्रैल के बीच 3-6 वर्ष तक के बच्चों के लिए खेल आधारित शक्षिा के माध्यम से स्कूल रेडिनेस और समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अभियान के प्रथम दिन जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर जागरूकता रैलियां एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रमो का आयोजन किया गया। आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का अनुरोध किया गया। सीडीपीओ सावत्रिी दास ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व वंदन अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही अन्य स्वयंसेवी संगठनों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गांव गांव में पोषण चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। ताकि पोषण के प्रति जागरूकता को जन आंदोलन का रुप दिया जा सके।पांच प्रमुख आयामों को अभियान का आधार बनाया गया:सीडीपीओ सावत्रिी दास ने बताया कि विभाग ने सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शक्षिकों, आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। ताकि स्वस्थ् , कुपोषण मुक्त और जागरूक जिला के नर्मिाण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। बच्चों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य एवं पोषण सुनश्चिति किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य कुपोषण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों,किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनश्चिति करना है।अभिभावकों को बच्चों के साथ नियमित संवाद:पहला पोषण (स्थानीय एवं मौसमी आहार) के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी फल सब्जियां एवं संतुलित आहार के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। रंग बिरंगे शक्षिण सामग्री के माध्यम से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। दूसरा संवाद (रश्तिों की गर्माहट) के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों के साथ नियमित संवाद और गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे उनके मानसिक एवं भानात्मक विकास को बल मिल सके। तीसरा संवाद शक्षिा (खेल खेल से सीखना) के तहत बच्चों को खेल, गतिविधियों और रंग बिरंगे शक्षिण सामग्री के माध्यम से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ताकि प्रारभिक शक्षिा आनंददायक और प्रभावी बन सके।
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