No Screen Day Campaign Promoting Healthy Habits and Nutrition Awareness in Schools जिले में कुपोषण से मुक्ति दिलाने को ले तेज किया अभियान, Bhabua Hindi News - Hindustan
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जिले में कुपोषण से मुक्ति दिलाने को ले तेज किया अभियान

जिले में ‘नो स्क्रीन डे’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके तहत मोबाइल और टीवी के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विद्यालयों में खेलकूद, योग और पोषण रैली जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

Mon, 13 April 2026 08:49 PMNewswrap हिन्दुस्तान, भभुआ
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जिले में कुपोषण से मुक्ति दिलाने को ले तेज किया अभियान

‘नो स्क्रीन डे’ अभियान चलाकर मोबाइल व टीवी के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जा रहा है विद्यालयों में रैली, प्रतियोगिता, स्वास्थ्य जांच व किचन गार्डन जैसी होगीं गतिविधियां बोले डीपीओ, स्कूलों में 23 अप्रैल तक तय कार्यक्रमों का होगा शत-प्रतिशत पालन (युवा पेज की लीड खबर) भभुआ, नगर संवाददाता। जिले में ‘पोषण पखवाड़ा’ कार्यक्रम को ले अभियान को तेज कर दिया गया है। यह अभियान 23 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है।

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जिला स्तर से जारी पत्र के आलोक में सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों को कार्यक्रम का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। मध्याह्न भोजन के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कुपोषण को कम करना तथा संतुलित आहार व स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि तय कैलेंडर के अनुसार सभी विद्यालयों में नियमित रूप से गतिविधियां कराई जा रही हैं। पखवाड़े के पहले चरण में मातृ एवं शिशु पोषण को केंद्र में रखकर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। विद्यालयों में पोषण पर चर्चा, जंक फूड के दुष्प्रभावों पर जागरूकता, स्थानीय पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन तथा संतुलित भोजन को बढ़ावा देने के लिए क्विज व प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मेरी थाली-मेरा पोषण गतिविधि के माध्यम से बच्चों को संतुलित आहार की जानकारी दी जा रही है। साथ ही पोषण रैली एवं प्रभातफेरी निकालकर ‘सही पोषण-देश रोशन’ का संदेश दिया जा रहा है। बच्चों व गर्भवती को भोजन के साथ हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, अंडा, मछली, फल, सलाद, जूस आदि लेने की सलाह दी जा रही है। स्वस्थ जीवनशैली व स्क्रीन टाइम में कमी पर फोकस दूसरे चरण में बच्चों की दिनचर्या सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत ‘नो स्क्रीन डे’ अभियान चलाकर मोबाइल व टीवी के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विद्यालयों में खेलकूद, योग एवं अन्य शारीरिक गतिविधियों का आयोजन कर बच्चों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों के स्वास्थ्य व दिनचर्या पर चर्चा भी की जा रही है। इसके अतिरिक्त विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित करने, पौष्टिक आहार प्रदर्शनी, स्वास्थ्य जांच शिविर, वजन व ऊंचाई मापन तथा एनीमिया की पहचान जैसी गतिविधियां भी कराई जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों के साथ होगी बैठकें सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए तिथि भोजन, पोषण मेला एवं अभिभावक बैठक का आयोजन किया जा रहा है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि सभी गतिविधियों का फोटो एवं वीडियो तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि अभियान की निगरानी की जा सके। इस पखवाड़े के माध्यम से जिले में कुपोषण के खिलाफ व्यापक जागरूकता बढ़ने और बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। कोट सभी विद्यालयों में पोषण पखवाड़ा के तहत कार्यक्रम आयोजित कराए जा रहे हैं। बच्चों के अलावा उनके अभिभावकों व अन्य लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्यहित में भी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। शंभू कुमार सिंह, डीपीओ (भभुआ से दीपक पांडेय) फोटो- 13 अप्रैल भभुआ- 7 कैप्शन- करौंदा विद्यालय में पोषण पखवाड़ा के दौरान हाथों में दख्ती लेकर पोषण संबंधी संदेश देते एवं प्रदर्शित पौष्टिक सामग्री को देखते छात्र-छात्राएं।

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