सोनपुर के बाद बिहार के इस जिले में बनेगा सबसे बड़ा एयरपोर्ट, रनवे की लंबाई 4 किलोमीटर
ल्तानगंज में बनने वाला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बिहार के सबसे बड़े और प्रमुख हवाई अड्डों में से एक होगा। 931 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में चार किलोमीटर (4200 मीटर) से लंबा रनवे होगा।

सोनपुर के बाद भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में बिहार का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा। सोनपुर में 4228 एकड़ जमीन पर नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा, जबकि सुल्तानगंज में 3064.039 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। सुल्तानगंज में पहले 931 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी। पर अब ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए 2133.039 एकड़ अतिरिक्त मांग की गई है। सिविल विमानन निदेशालय ने अतिरिक्त जमीन की मांग डीएम से की है।
सुल्तानगंज में देश का 22वां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने गुजरे साल ही मुहर लगा दी थी। निदेशालय के सचिव डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने भागलपुर डीएम को भेजे गए पत्र में कहा कि प्रथम चरण में भागलपुर में सुल्तानगंज अंचल अंतर्गत ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा के निर्माण के लिए 931 एकड़ भूमि तथा द्वितीय चरण में पूर्व में स्वीकृत एवं चिह्नित किये गये मौजावार भूमि एवं अतिरिक्त अर्जन के लिए प्रस्तावित भूमि से संबंधित मौजावार 2,133.039 एकड़ भूमि अर्जन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। सचिव ने कहा कि प्रथम चरण और द्वितीय चरण में प्रस्तावित भू-अर्जन का कलर नक्शा जल्द उपलब्ध कराएं।
2030 तक एयरपोर्ट का निर्माण हो जाएगा पूरा
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पटना में डीपीआर बनाने वाली कंपनियों के साथ विमानन निदेशालय के पदाधिकारियों की नियमित बैठकें हो रही हैं। डीपीआर निर्माण में एक साल और उसके बाद तीन साल यानी 2030 तक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सुल्तानगंज में बनने वाला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बिहार के सबसे बड़े और प्रमुख हवाई अड्डों में से एक होगा। 931 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में चार किलोमीटर (4200 मीटर) से लंबा रनवे होगा।
कार्गो विमान के लिए मांगी गई है अधिक जमीन
यह क्षेत्र के पर्यटन (देवघर मार्ग) और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हब माना जा रहा है। इसलिए यहां से कार्गो विमान उड़ाने की संभावना देखी जा रही है। इन्हीं कारणों से मसदी, नोनसर, राजगंज, कसवा, सुजापुर और मंझली गांवों की अधिकतर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। एयरपोर्ट का लोकेशन बांका, मुंगेर, खगड़िया, जमुई और भागलपुर से काफी जुड़ा हुआ है।




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