बिहार में SIR के बाद पटना में 2.31 लाख से अधिक वोटर घटे, दीघा में सबसे ज्यादा मतदाता
पहले पटना जिला में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 50,47,194 थी। पुनरीक्षण प्रारूप में लगभग 7.84 प्रतिशत यानी 3,95,500 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। कुल 92.16 प्रतिशत अर्थात 46,51,694 मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल थे।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पटना जिला अंतर्गत आनेवाले सभी 14 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची का मंगलवार को अंतिम प्रकाशन किया गया। विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद पटना में 2 लाख 31 हजार 900 मतदाता घट गए हैं। पहले पटना जिला में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 50,47,194 थी। पुनरीक्षण प्रारूप में लगभग 7.84 प्रतिशत यानी 3,95,500 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। कुल 92.16 प्रतिशत अर्थात 46,51,694 मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल थे।
डीएम ने बताया कि मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण या पूर्व में किसी अन्य जगहों से पंजीकृत होने के कारण उनका नाम सूची से हटाया गया था। अब कुल मतदाताओं की संख्या 48,15,294 हो गई। लोस चुनाव 2024 में पटना में मतदाताओं की संख्या 49,01,176 थी। इसमें पुरुष मतदाता 25,76,433 और महिला मतदाताओं की संख्या 23,24,570 थी। थर्ड जेंडर 173 थे।
दीघा विधानसभा क्षेत्र में पुरुष और महिला मतदाता सबसे अधिक
नई सूची के अनुसार पटना जिले में सबसे अधिक मतदाताओं की संख्या दीघा विधानसभा क्षेत्र में है। यहां कुल वोटरों की संख्या चार लाख 56 हजार 448 है। यहां पुरुष और महिला मतदाता भी सबसे अधिक क्रमश: 2,38,689 और 2,17,739 हैं। सबसे कम मतदाता पालीगंज में 2,83,537 हैं। यहां पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,49,721 और महिला मतदाताओं की संख्या 1,33,815 है।
जिले में थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 157
पटना के कुल 14 विधानसभा में मिलाकर थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 157 है। कुम्हरार में सबसे अधिक 25, पटना साहिब और बांकीपुर में 24-24 व दीघा में 20 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। मसौढ़ी में एक भी थर्ड जेंडर नहीं है।




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