बिहार में 7 करोड़ वोटर का सत्यापन हो गया, 45 लाख के गणना फॉर्म आना अभी बाकी
चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता गहन पुनरीक्षण के तहत 7 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं का सत्यापन कर लिया है। हालांकि, अभी 45 लाख से ज्यादा वोटर के गणना फॉर्म आना बाकी हैं। आयोग का दावा है कि 25 जुलाई से पहले काम पूरा हो जाएगा।

बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के तहत 7 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है। यह कुल मतदाताओं (7.90 करोड़) का 89.7 प्रतिशत है। इन सभी मतदाताओं के गणना फॉर्म बीएलओ तक भरकर पहुंच चुके हैं। वहीं, 45.82 लाख वोटर (5.8 प्रतिशत) ऐसे हैं, जिनके गणना फॉर्म अभी आना बाकी हैं। इनके अलावा, 35.69 लाख मतदाताओं को अभी तक गणना फॉर्म नहीं मिले हैं। बीएलओ उनसे संपर्क कर पाने में असमर्थ हैं। आयोग का कहना है कि ये मतदाता अपने पतों पर नहीं पाए गए।
बिहार में मतदाता गहन पुनरीक्षण के घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य 8 दिन और चलेगा। इसके बाद नई मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। इनमें मृत, स्थायी रूप से बिहार से बाहर जा चुके और एक से अधिक जगहों पर रजिस्टर्ड मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। आयोग के अनुसार ऐसे मतदाताओं की अब तक संख्या 35 लाख है। इनमें 12.53 लाख वोटरों की मृत्यु हो चुकी है, तो 17.37 लाख बाहर शिफ्ट हो गए हैं। जबकि 5.76 लाख वोटर का एक से ज्यादा जगहों पर पंजीकरण है।
चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट रिवीजन के दौरान जो मतदाता अपने पतों पर नहीं पाए गए, उनसे बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर 3 बार संपर्क करने का प्रयास किया गया। अब उनकी जानकारी विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और जिलाध्यक्षों को दी गई है।
आयोग के अनुसार अगर कोई परिवार या व्यक्ति अस्थायी रूप से बिहार से बाहर है। ऐसे में वह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन गणना फॉर्म भर सकता है। या फिर अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर फोन या व्हॉट्सएप से फॉर्म भरकर भेज सकता है।




साइन इन