35 लाख वोटर तक नहीं पहुंच पाया चुनाव आयोग, वोटर लिस्ट रिवीजन में 9 दिन ही बाकी हैं
बिहार में साढ़े चार फीसदी यानी करीब 35 लाख वोटर ऐसे हैं, जिन तक चुनाव आयोग मतदाता गहन पुनरीक्षण के तहत संपर्क करने में अभी तक असफल रहा है। ये मतदाता अपने पते पर मौजूद नहीं पाए गए, इसलिए इन्हें गणना फॉर्म नहीं मिला है। वोटर लिस्ट रिवीजन में 9 दिन ही शेष हैं।

बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन में 9 दिन शेष हैं। वहीं, करीब 35 लाख मतदाताओं तक चुनाव आयोग अब तक नहीं पहुंच पाया है। उन्हें मतदाता गहन पुनरीक्षण का गणना फॉर्म मिलना अभी बाकी है। दूसरी ओर, बुधवार शाम 6 बजे तक राज्य में 88.95 प्रतिशत मतदाताओं का गणना फॉर्म जमा हो गया है, जिनकी संख्या करीब 7 करोड़ है। सात जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म जमा किए जा चुके हैं। वहीं, पूरे राज्य में अब मात्र 54,07,483 फॉर्म जमा कराया जाना शेष रह गया है, जो कि कुल मतदाताओं का 6.85 प्रतिशत है।
बुधवार को चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार 35,69,435 मतदाता (4.5 प्रतिशत) मतदाता अब तक अपने पते पर नहीं मिले हैं। आयोग की ओर से उनसे संपर्क साधने के प्रयास किए जा रहे हैं। इनके अलावा 35 लाख वोटर ऐसे हैं, जिनका नाम मतदाता सूची से कटना तय है। इनमें स्थायी रूप से बिहार से बाहर शिफ्ट हो चुके 17,37,336 (2.2 प्रतिशत) वोटर हैं। साथ ही 12 लाख से ज्यादा मृत हो चुके मतदाताओं का नाम भी वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा। इसके अलावा एक से अधिक स्थानों पर रजिस्टर्ड 5.76 लाख मतदाताओं की भी पहचान हुई है।
बिहार में मतगणना पुनरीक्षण अभियान के तहत घर-घर जाकर सत्यापन का काम 24 जून को शुरू हुआ था। इसकी आखिरी तारीख 25 जुलाई है। चुनाव आयोग का कहना है कि समय सीमा से पहले ही काम पूरा कर लिया जाएगा। आयोग के अनुसार जमुई में 90.68 प्रतिशत एवं वैशाली, खगड़िया, शेखपुरा, मुंगेर, अरवल और जहानाबाद में भी 90 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म जमा किए जा चुके हैं। वहीं, गया में 88 प्रतिशत, नवादा में 87 प्रतिशत, रोहतास में 85 प्रतिशत, बक्सर में 89, पटना में 86 प्रतिशत, नालंदा में 88 प्रतिशत गणना फॉर्म जमा किए जा चुके हैं। पटना शहर में 80 प्रतिशत तो ग्रामीण क्षेत्र में 88 प्रतिशत गणना फॉर्म जमा किए गए हैं।




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