When is somvati amavasya in June 2026 shukh saubhagya ke upay adhik maas amavasya kab hai June Amavasya: जून में सोमवती अमावस्या कब है? सुख-सौभाग्य पाने के लिए करें ये 5 आसान उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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June Amavasya: जून में सोमवती अमावस्या कब है? सुख-सौभाग्य पाने के लिए करें ये 5 आसान उपाय

Somvati amavasya date and dhan labh upay: अधिकमास हर तीन साल में एक बार आता है। हिंदू धर्म में अधिकमास में आने वाली अमावस्या तिथि का खास महत्व है। इस बार अधिकमास में सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। जानें सोमवती अमावस्या की तारीख और धन लाभ के उपाय।

Thu, 4 June 2026 05:01 PMSaumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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June Amavasya: जून में सोमवती अमावस्या कब है? सुख-सौभाग्य पाने के लिए करें ये 5 आसान उपाय

June me amavasya kab hai 2026: अधिकमास में साल 2026 की पहली सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। हिंदू धर्म में यह तिथि अत्यंत शुभ और पावन मानी गई है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से विवाहित स्त्रियों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। अधिकमास अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ रहा है। मान्यता है कि अमावस्या तिथि पर किए गए स्नान-दान का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन सुख-समृद्धि पाने के लिए कुछ उपायों को भी लाभकारी माना गया है। जानें जून में सोमवती अमावस्या कब है, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और सुख-सौभाग्य पाने के उपाय।

जून में सोमवती अमावस्या कब है:

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर प्रारंभ होगी और 15 जून को सुबह 08 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि मान्य होने के कारण सोमवती अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को मनाई जाएगी।

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सोमवती अमावस्या स्नान-दान का शुभ मुहूर्त 2026:

सोमवती अमावस्या के दिन स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 03 मिनट से सुबह 04 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 05 बजकर 23 मिनट से सुबह 07 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 11 बजकर 28 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।

सोमवती अमावस्या का महत्व:

मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन पति-पत्नी साथ में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं, तो वैवाहिक जीवन से जुड़ा हर संकट दूर होता है। परिवार में सुख-शांति और खुशहाली आती है। इस दिन गंगा स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है। सोमवती अमावस्या पर पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और वंश वृद्धि का आशीष प्रदान करते हैं।

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धन-सौभाग्य के लिए सोमवती अमावस्या को करें ये उपाय-

1. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तिथि के दिन गेहूं के आटे में चीनी मिलाकर चींटियों को खिलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से धन संबंधी परेशानी समाप्त होती है।

2. अमावस्या के दिन तुलसी पूजन अत्यंत शुभ व लाभकारी माना गया है। मान्यता है कि शाम के समय तुलसी के सामने घी का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

3. अमावस्या के दिन शाम को घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में घी का दीपक जलाना चाहिए। दीपक में काले धागे की बत्ती और थोड़ा सा केसर डालने से मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-सौभाग्य मिलता है।

4. मान्यता है कि इस दिन स्नान के बाद पीपल के पेड़ की पूजा करने और उसकी परिक्रमा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।

5. सोमवती अमावस्या के दिन सफेद मिठाई, अन्न, तिल,कपड़े और जूते-चप्पल आदि का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से सुख-समृद्धि आती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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