what is Alpayu Yoga death in Alpayu Jyotish Remedies for Alpayu Yoga कुंडली में क्या और कैसे बनता है अल्पायु योग,कम उम्र में होती है मृत्यु, कुंडली में ये घर चेक करें, उपाय भी जानें, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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कुंडली में क्या और कैसे बनता है अल्पायु योग,कम उम्र में होती है मृत्यु, कुंडली में ये घर चेक करें, उपाय भी जानें

कुंडली में अल्पायु योग क्या है और कैसे बनता है, इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे, इससे जुड़े ज्योतिषिय उपाय क्या है इसका भी यहां जिक्र करेंगे।

Wed, 13 May 2026 10:43 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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कुंडली में क्या और कैसे बनता है अल्पायु योग,कम उम्र में होती है मृत्यु,  कुंडली में ये घर चेक करें, उपाय भी जानें

ज्योतिष शास्त्र में कुण्डली ही है जो आपके अभी के और आगे के बारे में जानकारी देती है और जो हो गया है वो भी जानकारी कुंडली से ही मिलती है। जैसे राजयोग आदि की जानकारी आप कुंडली से पा सकते हैं, वैसे ही अल्पायु योग भी कुंडली में साफ दिखता है। इससे कहा जाता है कि इस व्यक्ति की उम्र कम है। लग्नेश और आयु भावेश की दुर्बलता या नीच स्थिति भी अल्पायु का कारण बनती है। डॉ ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी से जानें आखिर क्या होता है अल्पायु योग। किसी की जन्म कुंडली में जब अष्टमेश की दशा या अंतर्दशा चलती है। साथ ही राहु एवं शनि की दृष्टि लग्न एवं लग्नेश पर पड़ती है तथा लग्नेश कमजोर होता है तो उसे स्थिति में व्यक्ति की मृत्यु अचानक हो सकती है। क्योंकि शरीर या मन अथवा व्यक्तित्व का निर्धारण लग्न एवं लग्नेश के बलाबल पर निर्भर करता है। इसी कारण से जब जन्म कुंडली में लग्नेश, शनि व राहु द्वारा पीड़ित हो शनि केतु राहु की दशा अंतर्दशा हो तथा लग्नेश पीड़ित अवस्था में हो रहा हो तो उसे समय अचानक किसी भी व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है परंतु यदि लग्नेश को किसी शुभ ग्रह का सहयोग प्राप्त हो रहा हो जैसे बृहस्पति की दृष्टि हो जाए या अन्य शुभ ग्रहों की दृष्टि अथवा युति हो तब व्यक्ति विपरीत अवस्था में होने के बाद भी भयावह स्थिति में होने के बाद भी स्वस्थ हो जाता है परंतु जब लग्नेश पीड़ित हो और क्रूर ग्रहों का दुष्प्रभाव हो तो बड़ी दुर्घटना हो जाती है।

कुंडली में ये घर चेक करें, कहां बनता है यह योग

आमतौर पर इसका लेना देना चार पाप ग्रहों से है। इसमें शनि, राहु, केतु, मंगल शामिल हैं। ये जब आपके आठवें भाव में होते हैं तो अल्पायु योग बनता है। ज्योतिष शास्त्र में कुंडली का आठवां भाव बहुत खास माना जाता है। ये आपकी उम्र से जुड़ा है और आपकी मृत्यु, रहस्यों, विरासत और अचानक होने वाली घटनाओं से जुड़ा होता है। इसमें ग्रहों की स्थिति देखनी चाहिए। अगर इसमें अच्छे ग्रह है तो सब कुछ सही है। लेकिन अगर इसमें पापी ग्रह हैं तो आपके लिए दिक्कते हैं।

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इसको कम करने के लिए क्या उपाय करें

अगर आपको ऐसा लगता है, तो मृत्युंजय मंत्र का जाप आपके लिए सबसे अधिक काम का है।

महामृत्युंजय मंत्र को आयु वृद्धि और रोगनाशक मंत्र कहा गया है। मंत्र इस प्रकार है -

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

प्रतिदिन 108 बार जप करें

2.आयुष हवन / आयुष होम एक ज्योतिषिय उपाय है जो आपको इस योग से मुक्ति दिलाता है।

3.अल्पायु से बचने के लिए हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी और शनिदेव की पूजा करें।

4.भारत के 8 चिरंजीवियों की आराधना करें और चंद्रमा को मजबूत करें

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