Vastu Tips: इस दिशा में हो ज्यादा खिड़कियां तो प्रसन्न होती हैं मां लक्ष्मी, नहीं होती पैसों की दिक्कत
वास्तु शास्त्र में घर की खिड़कियों से जुड़े तमाम टिप्स बताए गए हैं। आज जानते हैं कि आखिर किस दिशा में खिड़कियों का होना शुभ माना जाता है? साथ ही जानें खिड़कियों से जुड़े कुछ ऐसे टिप्स जो घर में खुशहाली लेकर आते हैं।

Window Vastu Tips: क्या आप जानते हैं कि घर की खिड़कियां भी पैसों से जुड़ी दिक्कत खत्म कर देती हैं? सुनकर थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन हम यहां बात कर रहे हैं वास्तु शास्त्र की और इस शास्त्र में घर की खिड़कियों से जुड़े कुछ नियम-कायदे बताए गए हैं जोकि सीधे हमारी फाइनेंस से जुड़ी है। शास्त्र के अनुसार अगर घर में खिड़कियां सही दिशा और दशा में हो तो मा लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं। तो आज जानते हैं कि खिड़कियों का किस दिशा में होना शुभ माना जाता है? नीचे विस्तार से जानें खिड़कियों से जुड़े वास्तु शास्त्र के कुछ नियम...
इस दिशा में हो ज्यादा खिड़कियां
वैसे तो कमरे के हिसाब से ही खिड़कियां होंगी लेकिन वास्तुशास्त्र के हिसाब से अगर उत्तर दिशा में ज्यादा खिड़कियां बनवाई जाई तो शुभ होता है। दरअसल इस दिशा में अगर खिड़कियां होती हैं तो मां लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान कुबेर की की असीम कृपा उस घर पर बरसती है। अगर ऐसा होता है तो परिवार में धन और अन्न की कोई भी कमी नहीं रहती है। ऐसे में घर बनवाते वक्त इस चीज का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
रखें इन बातों का ध्यान
शास्त्र के हिसाब से खिड़कियां हमेशा सम संख्या में ही होनी चाहिए। आपके घर में 2, 4, 6, 8, 10 और 12 इस संख्या में खिड़कियां होगी तो पॉजिटिविटी हमेशा बनी रहेगी। कई लोग बाहर की ओर खुलने वाली खिड़कियां बनवाते हैं जोकि सही नहीं है। घर में जितनी भी खिड़कियां हैं, वो हमेशा अंदर की ओर ही खुलनी चाहिए। साथ ही खिड़कियां ऐसी हो जिसमें दो पल्ले हो। एक पल्ले वाली खिड़की कभी नहीं बनवानी चाहिए। वास्तुशास्त्र के हिसाब से सुबह या दिन में इन खिड़कियों को कुछ देर के लिए खोल देना चाहिए। इससे घर का वास्तु सही होता है। वहीं शाम में इसे नहीं खोलना चाहिए नहीं तो घर में नेगेटिविटी बढ़ने के चांस होते हैं। साथ ही ऐसा कभी नहीं होना चाहिए कि खिड़कियों पर धूल जमा हो। ऐसे में नियमित रूप से इसकी सफाई जरूरी है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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