वास्तु शास्त्र: कार में एसेंशियल ऑयल की शीशी टांगना शुभ या अशुभ? जिंदगी में आता है ये बदलाव
हमारे घर ही नहीं बल्कि गाड़ी से जुड़े भी कुछ वास्तु नियम हैं, जिनका पालन जरूर करना चाहिए। आज जानते हैं कि क्या कार में एसेंशियल ऑयल की शीशा लगाना सही होता है?

वास्तु शास्त्र के नियम सिर्फ आपके घर तक ही सीमित नहीं है। इसका संबंध हमारी हर एक चीज से जुड़ा हुआ है। घर के कमरों या फिर ऑफिस में आपकी सीट या जगह से जुड़े कई तरह के वास्तु टिप्स आपने देखें होंगे। बहुत कम लोगों को पता है कि कार को लेकर भी इस शास्त्र में कई नियम हैं। आजकल आपने देखा होगा कि कार में लोग एसेंशियल ऑयल की शीशी रखते हैं या फिर उसे रियर-व्यू मिरर वाले प्लेस में बांधते हैं। ये एक आम ट्रेंड भी बन चुका है। लोग अच्छी खुशूब के लिए इसे कार में लगा लेते हैं लेकिन क्या वास्तु के हिसाब से इसे लगाना सही है? क्या इससे कोई नकारात्मक असर भी पड़ता है? नीचे विस्तार से जानिए इससे जुड़े टिप्स..
एसेंशियल ऑयल रखना कितना सही?
शास्त्र के अनुसार किसी भी गाड़ी में पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह बहुत जरूरी है। अगर गाड़ी में ऐसी एनर्जी रहती है तो मन भी शांत रहता है और यात्रा भी सुखद होती है। शास्त्र के हिसाब से गाड़ी में एसेंशियल ऑयल रखना सही माना जाता है। इसकी मौजूदगी से मन खुश रहता है और चिड़चिड़ापन वाली स्थिति नहीं आती है। ऐसे में एक्सीडेंट कम होने की भी संभावना रहती है। वास्तु के हिसाब से ऑरेंज, सैंडलवुड और लेमन के एसेंशियल ऑयल तुरंत ही मूड को लिफ्ट करने के लिए सहायक होते हैं। साथ ही इससे मानसिक थकान भी कम होती है।
ना करें ये गलती
कार में एसेंशियल ऑयल की शीशी लगाते वक्त कुछ चीजों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। कभी भी कार में भारी शीशी नहीं लगानी चाहिए। वास्तु के हिसाब से ये सिरदर्द या फिर बैचेनी जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। इस बात का भी ख्याल रखें कि बहुत ही ज्यादा स्ट्रॉन्ग खुशूब वाली शीशी कार में ना टांगें क्योंकि इससे मानसिक डिसबैलेंस होता है और फिर जिंदगी में नेगेटिविटी बढ़ने लगती है। कोशिश करें कि कुछ समय बाद इसे जरूर बदल लें। नियम के अनुसार जहां भी इसे रखें या टांगे, वो जगह साफ होनी चाहिए। ऐसे में साफ है कि एसेंशियल ऑयल गाड़ी में लगाने से सब सही ही होता है बस कुछ चीजों का ध्यान रख लिया जाए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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