vaishakh masik shivratri 2026 date 15 or 16 april shubh muhurat upay shiv chalisha Vaishakh Masik Shivratri 2026: 15 या फिर 16 अप्रैल? ये है मासिक शिवरात्रि की सही डेट, पूजा के दौरान करें ये उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Vaishakh Masik Shivratri 2026: 15 या फिर 16 अप्रैल? ये है मासिक शिवरात्रि की सही डेट, पूजा के दौरान करें ये उपाय

वैशाख का महीना हर मायने में खास होता है। आइए जानते हैं कि इस महीने की मासिक शिवरात्रि कब है? साथ ही जानें कि इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और उपाय क्या है?

Tue, 7 April 2026 08:16 AMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share
Vaishakh Masik Shivratri 2026: 15 या फिर 16 अप्रैल? ये है मासिक शिवरात्रि की सही डेट, पूजा के दौरान करें ये उपाय

Vaishakh Masik Shivratri 2026: हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव से जुड़े कई व्रत है, जिनकी खूब मान्यता है। महाशिवरात्रि और शिवरात्रि की पूजा और व्रत का महत्व तो हर कोई जानता है। वहीं हर महीने पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि की पूजा भी अहम होती है। मासिक शिवरात्रि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस खास दिन पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा होती है। माना जाता है कि हर महीने पड़ने वाली शिवरात्रि का व्रत रखते हुए अगर सच्चे मन से कोई भी मन्नत मांगी जाए तो भगवान शिव और मां पार्वती उसे जरूर पूरा करते हैं।

तारीख को लेकर हुआ कन्फ्यूजन

इस वक्त वैशाख का महीना चल रहा है और इस महीने पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। हालांकि व्रत की सही तारीख को लेकर लोगों के बीच कन्फ्यूजन बना रहता है। आइए जानते हैं कि इस महीने मासिक शिवरात्रि कब है? पूजा का मुहूर्त क्या है और इस दिन कौन सा उपाय करना चाहिए?

इस तारीख को है मासिक शिवरात्रि

हिंदू पंचांग के हिसाब से वैशाख के महीने के कृष्ण पक्ष की चतुदर्शी तिथि 15 अप्रैल को है। इसी तारीख को चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा। तिथि के आरंभ होने का समय रात में 10:31 बजे है। तिथि का समापन अगले दिन रात 8:11 बजे है। पंचांग के हिसाब से निशिता काल को ध्यान में रखते हुए 15 अप्रैल को ही मासिकल शिवरात्रि मनाई जाएगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:चंद्रमा का 19 बार होगा नक्षत्र परिवर्तन, ये 4 राशियां होंगी मालामाल

ये है पूजा का शुभ मुहूर्त

मासिक शिवरात्रि की पूजा और व्रत का जितना महत्व है, उससे भी कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है शुभ मुहूर्त में की गई पूजा। ऐसा माना जाता है कि मासिक शिवरात्रि की पूजा हमेशा निशिता मुहूर्त में ही जाए तो फलदायी साबित होती है। हिंदू पंचांग के हिसाब से पूजा का शुभ मुहूर्त 15 अप्रैल की रात 12:15 से शुरु होकर 1:01 बजे तक होगी। इस बीच ही भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा कर लेनी चाहिए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:वास्तु शास्त्र: घर में ज्यादा दिन कबाड़ रखने से होते हैं ये 4 बड़े नुकसान

पूजा के दौरान करें ये उपाय

वैसे तो मासिक शिवरात्रि पर कई उपाय किए जा सकते हैं। हर एक मुश्किल या बाधा के लिए अलग-अलग उपाय हैं। आज बात करेंगे कि अगर किसी काम के दौरान बार-बार बाधा आ रही है तो फिर किस तरह के उपाय करने चाहिए? बता दें कि अगर किसी काम में बार-बार दिक्कत या फिर अड़चन आ रही है तो मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को 21 बेलपत्र जरूर चढ़ाए जाने चाहिए। यहां पर ध्यान रखने वाली बात ये है कि इन बेलपत्रों पर चंदन जरूर लगा हो।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:वास्तु शास्त्र: इंटरव्यू के लिए जाने से पहले कर लें ये उपाय, जरूर मिलेगी सफलता

मासिक शिवरात्रि पर करें ये आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

ओम जय शिव ओंकारा॥एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।

हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।

त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।

त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।

सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।

प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।

भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।

शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।

नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!