आज का पंचांग 15 जून 2026: आज सोमवती अमावस्या पर बन रहे स्नान-दान के ये शुभ-अशुभ मुहूर्त
Somvati amavasya 15 June 2026 Muhurat: आज सोमवती अमावस्या है और पुरुषोत्तम मास का आखिरी दिन भी। सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान और दान करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है और पापों से मुक्ति मिलती है। देखें आज 15 जून 2026 का विस्तृत पंचांग।

Today Panchang 15 June 2025, Somvati Amavasya Muhurat 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व है। जब अमावस्या तिथि सोमवार को पड़ती है, तो सोमवती अमावस्या का संयोग बनता है। 15 जून 2026, सोमवार यानी आज सोमवती अमावस्या है। अमावस्या तिथि के साथ ही आज मलमास या पुरुषोत्तम मास का समापन हो रहा है। सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन किए गए स्नान-दान का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। जानें आज सोमवती अमावस्या पर किस समय करें स्नान-दान और राहुकाल का समय।
15 जून 2026, सोमवार का विस्तृत पंचांग:
15 जून, सोमवार, शक संवत् : 25 ज्येष्ठ (सौर) 1948, पंजाब पंचांग : 01 आषाढ़ मास प्रविष्टे 2083, इस्लाम : 28 जिल्हिजा, 1447, विक्रमी संवत् : द्वितीय (अधिक) ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या तिथि प्रातः 08.24 बजे तक पश्चात प्रतिपदा रात्रि 04.31 मिनट तक, नाग करण। चंद्रमा वृष राशि में प्रातः 08.41 बजे तक उपरांत मिथुन राशि में। सूर्य उत्तरायण। प्रातः 07.30 बजे से प्रातः 09 बजे तक राहुकालम्। सोमवती अमावस। ज्येष्ठ अधिक (पुरुषोत्तम) मास समाप्त। श्री गंगा स्नान प्रारंभ।
सूर्य और चंद्रमा का समय-
सूर्योदय- सुबह 05:47 बजे
सूर्यास्त- रात 09:56 बजे
चंद्रोदय- चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त- रात 10:57 बजे
सोमवती अमावस्या पर बन रहे स्नान-दान और पूजन के ये शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:44 बजे से सुबह 05:15 बजे तक।
अमृत सिद्धि योग- सुबह 05:47 बजे से दोपहर 03:38 बजे तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 05:47 बजे से दोपहर 03:38 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 01:19 बजे से दोपहर 02:24 बजे तक।
विजय मुहूर्त- शाम 04:33 बजे से शाम 05:37 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त- रात 09:54 बजे से रात 10:10 बजे तक।
अमृत काल- सुबह 07:58 बजे से सुबह 09:22 बजे तक।
15 जून 2026 को बन रहे ये अशुभ मुहूर्त:
राहुकाल- सुबह 07:48 बजे से सुबह 09:49 बजे तक।
यमगण्ड- सुबह 11:50 बजे से दोपहर 01:51 बजे तक।
आडल योग- शाम 03:38 बजे से अगले दिन सुबह 05:46 बजे तक।
दुर्मुहूर्त- दोपहर 02:24 बजे से दोपहर 03:28 बजे तक।
गुलिक काल- शाम 03:52 बजे से शाम 05:54 बजे तक।
सोमवती अमावस्या स्नान-दान का महत्व:
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान और दान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन श्राद्ध और तर्पण करने से पितर प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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