धन लाभ के लिए सोमवती अमावस्या पर कब और कहां दीपक जलाना चाहिए? जानें सही तारीख भी
Somvati amavasya deepdaan muhurat 2026: इस बार अधिक मास में सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन कुछ जगहों पर दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में आर्थिक खुशहाली आती है।

Somvati amavasya par deepak kab aur kaha jalana chahiye 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि अत्यंत शुभ मानी गई है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। अधिक मास में साल की पहली सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन में आर्थिक खुशहाली आती है। इस बार दो दिन अमावस्या तिथि होने के कारण लोगों के बीच सोमवती अमावस्या की तारीख को लेकर भ्रम है। जानें सोमवती अमावस्या कब है।
सोमवती अमावस्या किस दिन है:
पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 14 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से अगले दिन 15 जून 2026 को सुबह 08 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि मान्य होने के कारण सोमवती अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को मनाई जाएगी।
सोमवती अमावस्या पर दीपक किस समय जलाना चाहिए:
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पर दीपक शाम के समय प्रदोष काल में जलाना शुभ माना जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के करीब 45 मिनट पहले प्रारंभ होता है और सूर्यास्त के बाद तक रहता है।
सोमवती अमावस्या पर दीपदान का शुभ समय क्या है:
दीपदान का विजय मुहूर्त शाम 04 बजकर 33 मिनट से शाम 05 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त रात 09 बजकर 54 मिनट से रात 10 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।
सोमवती अमावस्या पर किन जगहों पर दीपक जलाना चाहिए:
सोमवती अमावस्या के दिन घर की पांच जगहों पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दीप दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
मुख्य द्वार के बाहर- सोमवती अमावस्या पर घर के मुख्य द्वार के बाहर मां लक्ष्मी के लिए दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। अमावस्या के दिन शाम के समय मुख्य द्वार खोलकर रखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में उनका स्थाई वास होता है।
दक्षिण दिशा में- सोमवती अमावस्या के दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में पितरों के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और वंश वृद्धि के साथ आर्थिक खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं।
पीपल का पेड़- पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं, उनकी कृपा से धन लाभ के मार्ग खुलते हैं।
तुलसी का पेड़- हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। अमावस्या के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी का घर पर आगमन होता है। जिससे जीवन में आर्थिक खुशहाली आती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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