रविवार को इन उपायों से सूर्य देव के तेज की तरह बढ़ेगा मान-सम्मान, नहीं रहेगी पैसों की कमी
सूर्य देव आत्मा के स्वामी, राजसी वैभव के दाता और मान-सम्मान के कारक हैं। रविवार उनका विशेष दिन है। इस दिन सूर्य देव की सही विधि से पूजा करने से जीवन में तेज, आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा और धन की अपार वृद्धि होती है। आइए जानते हैं वो उपाय, जो रविवार को करने से सूर्य देव तुरंत प्रसन्न होते हैं।

सूर्य देव आत्मा के स्वामी, राजसी वैभव के दाता और मान-सम्मान के कारक हैं। रविवार उनका विशेष दिन है। इस दिन सूर्य देव की सही विधि से पूजा करने से जीवन में तेज, आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा और धन की अपार वृद्धि होती है। सबसे खास बात ये है कि सूर्य पूजा से पिता के साथ संबंध मधुर होते हैं और पितृ दोष दूर होता है। आइए जानते हैं वो 5 सबसे शक्तिशाली उपाय, जो रविवार को करने से सूर्य देव तुरंत प्रसन्न होते हैं।
तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। तांबे के लोटे में शुद्ध जल, थोड़ा सा लाल चंदन और कुछ लाल पुष्प डालें। पूर्व दिशा की ओर मुंह करके सूर्य देव को जल चढ़ाते हुए मंत्र ये बोलें – 'ॐ सूर्याय नमः' या 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' (कम से कम 11 बार)। जल चढ़ाते समय सूर्य देव को सीधे देखें। यह उपाय करने से सूर्य कमजोर होने के सारे दोष दूर होते हैं, नौकरी-बिजनेस में पदोन्नति मिलती है और समाज में सम्मान बढ़ता है।
लाल चंदन का तिलक
रविवार को स्नान के बाद लाल चंदन को जल में घिसकर माथे पर तिलक लगाएं। यह तिलक सूर्य देव को अत्यंत प्रिय है। इसे लगाने से चेहरे पर तेज आता है, लोग आपकी बात मानने लगते हैं और हर जगह आपका प्रभाव बढ़ता है। अगर आप सरकारी नौकरी या पॉलिटिक्स में हैं, तो यह तिलक आपके लिए वरदान है।
सूर्य देव को प्रिय दान
सूर्य देव को गेहूं, गुड़, लाल चंदन, तांबा, लाल कपड़ा और मसूर की दाल बहुत प्रिय हैं। रविवार को किसी गरीब, ब्राह्मण या मंदिर में इनमें से कोई एक चीज दान करें। खासकर अगर आपका सूर्य कमजोर है, तो 12 रविवार लगातार गेहूं का दान करें। इससे धन की कमी दूर होती है और घर में बरकत बनी रहती है।
मंत्र जाप और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ
रविवार को कम से कम 11 बार और अगर संभव हो, तो 21 या 108 बार इनमें से कोई एक मंत्र जपें:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय नमः
- ॐ घृणि सूर्याय नमः
- ॐ सूर्याय नमः
- ॐ ह्रां ह्रीं सः सूर्याय नमः
- ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्
पिता का सम्मान - सूर्य देव की सबसे बड़ी पूजा
सूर्य पिता का कारक है। रविवार को अपने पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लें। अगर पिता जी स्वर्गवासी हैं, तो उनकी फोटो के सामने दीपक जलाकर प्रणाम करें। पिता से संबंध अच्छा करने से सूर्य देव अपने आप प्रसन्न हो जाते हैं। इससे नौकरी-बिजनेस में उच्च पद और अपार धन की प्राप्ति होती है।
इन 5 उपायों को अगर आप 12 रविवार लगातार करेंगे तो सूर्य देव का तेज आपके जीवन में पूरी तरह उतर आएगा। मान-सम्मान बढ़ेगा, धन-वैभव में वृद्धि होगी और हर कार्य में विजय मिलेगी।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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