सिंह और धनु राशि वालों को शनि ढैय्या से कब मिलेगी राहत? जानें पूरा समय और असर
ज्योतिषशास्त्र में शनि को विशेष स्थान प्राप्त है। शनि के अशुभ प्रभावों से हर कोई भयभीत रहता है। हर व्यक्ति पर शनि की ढैय्या का असर भी जीवन में एक न एक बार जरूर पड़ता है। शनि की ढैय्या ढ़ाई साल तक चलती है। इस दौरान व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ज्योतिषशास्त्र में शनि को विशेष स्थान प्राप्त है। शनि के अशुभ प्रभावों से हर कोई भयभीत रहता है। हर व्यक्ति पर शनि की ढैय्या का असर भी जीवन में एक न एक बार जरूर पड़ता है। शनि की ढैय्या ढ़ाई साल तक चलती है। इस दौरान व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समय सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है और इससे मुक्ति मिलने में अभी काफी समय है।
कब शुरू हुई ढैय्या
सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या 29 मार्च 2025 से शुरू हुई थी। तब से लेकर अब तक इसका असर अलग-अलग रूप में दिख रहा है। कई लोगों को काम में देरी, योजनाओं का अटकना या मन का थोड़ा परेशान रहना जैसी स्थिति महसूस हो सकती है। साल 2026 में भी यही स्थिति बनी रहने के संकेत हैं।
2027 में क्या बदलेगा- बीच में एक ऐसा समय आएगा, जब हालात थोड़े बेहतर लगेंगे। 3 जून 2027 को शनि जब मेष राशि में जाएंगे, तब ढैय्या का असर कुछ समय के लिए कम होगा। इस दौरान अटके काम आगे बढ़ सकते हैं, फैसले लेना थोड़ा आसान लग सकता है और मन भी पहले से हल्का महसूस हो सकता है। लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। इसलिए इसे स्थायी सुधार नहीं माना जा रहा है।
फिर क्यों लौटेगी परेशानी- इसके बाद 20 अक्टूबर 2027 को शनि फिर से मीन राशि में लौटेंगे। यहीं से ढैय्या का असर दोबारा शुरू होगा। यह दौर 23 फरवरी 2028 तक चलेगा। यानी बीच में मिली राहत के बाद एक बार फिर वही सतर्कता रखनी होगी।
कब मिलेगा पूरा आराम- ज्योतिष के हिसाब से 23 फरवरी 2028 के बाद स्थिति बदल जाएगी। जब शनि दोबारा मेष राशि में जाएंगे, तब सिंह और धनु राशि वालों को ढैय्या से पूरी राहत मिल जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे कामकाज में स्थिरता आने लगेगी और चीजें अपने ट्रैक पर लौटती दिखेंगी।
इस समय क्या रखें ध्यान- ढैय्या के समय सबसे ज्यादा जरूरी होता है धैर्य। जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। कई बार बिना सोचे लिया गया निर्णय बाद में परेशानी बढ़ा सकता है। खर्चों पर कंट्रोल रखना भी जरूरी है। जहां जरूरी हो, वहीं खर्च करें। साथ ही काम में लगातार मेहनत करते रहना ही इस समय सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।
उपाय- पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, शनि के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जाते हैं-
- शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाना।
- हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करना।
- गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करना।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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