Akshaya Tritiya 2026: 19 या 20 अप्रैल? कब है अक्षय तृतीया 2026, कन्फ्यूजन दूर कर नोट कर लें सही डेट
हिंदू धर्म अक्षय तृतीया का विशेष महत्व होता है। इस दिन को सनातन परंपरा में बहुत शुभ माना जाता है। यह सिर्फ एक त्योहार नहीं होता, बल्कि इसे नए काम की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ काम लंबे समय तक फल देता है।

हिंदू धर्म अक्षय तृतीया का विशेष महत्व होता है। इस दिन को सनातन परंपरा में बहुत शुभ माना जाता है। यह सिर्फ एक त्योहार नहीं होता, बल्कि इसे नए काम की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन जो भी अच्छा काम किया जाता है- चाहे वह पूजा हो, दान हो या कोई नई शुरुआत- उसका फल लंबे समय तक बना रहता है। इसी वजह से लोग इस दिन बिना ज्यादा सोच-विचार के भी शुभ काम कर लेते हैं। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है, मतलब ऐसा दिन जब अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदते हैं, घर या कारोबार से जुड़े फैसले लेते हैं और भगवान की पूजा करते हैं। यह दिन शुभ कामों के लिए सबसे भरोसेमंद माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ काम लंबे समय तक फल देता है और उसका असर खत्म नहीं होता।
कई लोग इस बार अक्षय तृतीया की तारीख को लेकर थोड़ा कन्फ्यूज हैं। आइए जानते हैं, इस साल कब है अक्षय तृतीया कब है?
अक्षय तृतीया कब है? पंचांग के हिसाब से तृतीया तिथि 19 अप्रैल को शुरू हो रही है, लेकिन सूर्योदय के समय यह तिथि 20 अप्रैल को रहेगी। हिंदू मान्यताओं में उदया तिथि को ज्यादा महत्व दिया जाता है। इसलिए त्योहार उसी दिन मनाया जाता है जब तिथि सूर्योदय पर मौजूद हो। इसी वजह से इस बार अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को ही मानी जाएगी।
अबूझ मुहूर्त क्यों माना जाता है यह दिन- अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। इसका मतलब है कि इस दिन किसी भी शुभ काम के लिए अलग से मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। लोग इस दिन बिना ज्यादा सोचे नए काम शुरू करते हैं।
जैसे-
- नया बिजनेस शुरू करना।
- सोना-चांदी खरीदना।
- शादी-विवाह या गृह प्रवेश।
- दान-पुण्य और पूजा।
पूजा का शुभ समय- इस दिन पूजा-पाठ के लिए सुबह से दोपहर तक का समय अच्छा माना गया है। सुबह करीब 5 बजे से लेकर दोपहर 12:20 बजे तक का समय पूजा के लिए शुभ रहेगा। इस दौरान भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि बढ़ने की मान्यता है।
इस बार क्यों खास है अक्षय तृतीया- इस बार अक्षय तृतीया और भी खास मानी जा रही है, क्योंकि कई शुभ योग एक साथ बन रहे हैं।
- रोहिणी नक्षत्र
- सर्वार्थ सिद्धि योग
- अमृत सिद्धि योग
ज्योतिष के अनुसार जब ये योग बनते हैं, तो उस दिन किए गए काम के सफल होने की संभावना और बढ़ जाती है।
क्या करें इस दिन- इस दिन लोग खासतौर पर खरीदारी करते हैं, खासकर सोना-चांदी। इसे भविष्य में स्थिरता और समृद्धि से जोड़ा जाता है। इसके अलावा दान करना, पूजा करना और नए काम की शुरुआत करना भी शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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