क्या आप सफल होंगे, क्या आप बहुत धन कमाएंगे, शनि खोलेंग आपकी सफलता के राज?
शनि की स्थिति सभी की लाइफ में बहुत खास महत्व रखती है। ये ऐसा ग्रह है जो आपको आपके कर्मों के अनुसार फल देता है। ऐसे में शनि से कैसे पता लगाएं कि क्या आप लाइफ में धन पा पाएंगे।

शनि की स्थिति सभी की लाइफ में सबसे महत्वपूर्ण होती है। ज्योतिष में शनि और गुरु को जरूर देखा जाता है। यहां हम बता रहें है शनि की स्थिति आपकी कुंडली में जिसे आप आसानी से जान सकते हैं। यहां हम आपकी कुंडली के अनुसार नहीं लेकिन एक मोटा-मोटा शनि का आइडिया दे रहे हैं कि शनि अगर आपकी कुंडली में इस घर में बैठा है तो क्या फल देता है और आप सफल होकर एक कामयाब इंसान बन पाते हैं। यहां हम देखेंगे कि शनि आपके इन घरों में बैठा है क्या और अगर बैठा है तो आपको इससे क्या फल मिलता है, लेकिन ये स्थिति सभी के लिए अलग-अलग हो सकती है।
तृतीय भाव फल में शनि बैठे हैं तो क्या फल मिलता है?
जिस इंसान की कुंडली में शनि तीसरे घर में होते हैं तो ऐसे व्यक्ति बिजनेस नहीं करता है, उसे पैसा बिजनेस से नहीं बल्कि उसे पैसा नौकरी से मिलता है। ऐसा व्यक्ति का भाई बहनों से भी रिलेशनशिप अच्छा नहीं होता है। उसका भाग्य भी बार बार परेशानियों के कारण दिक्कतें देता है, लेकिव ऐसे व्यक्ति को एक उम्र के बाद लाभ मिलता है। 36 साल के बाद इसके भाग्य अच्छा होता है। आर्थिक तौर पर लाभ मिलता है। मध्य आयु के बाद आपके रिलेशनशिप अच्छे होंते है भाई बहनों के साथ। ऐसे लोगों का परिवार अनुशासन वाला होता है।
छठा भाव में शनि का कैसा फल
इस भाव में अगर शनि बैठे हैं तो समझ लें कि आपने आधी लड़ाई जीत ली। आपके दुश्मन आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। उसके सामने कोई नहीं ठहर सकता | आपको अनेक संपत्तियों का लाभ मिलता है और उसकी कीर्ति सभी दिशाओं में फैलती है | शनि छठा भाव बुध के घर में बैठेते हैं, तो शनि दुश्मनों के ऊपर, अपनी बीमारियों के ऊपर और अपनी परेशानियों के ऊपर लाइफ में जीत पा लेते हैं। शनि इस बाव में बैठा है तो वह सफलता हासिल करता है इस तरह वो आगे बढ़ता है? ऐसा मुकाम हासिल करता है, जो आपके परिवार में किसी ने हासिल ना किया हो।
दसवां भाग में क्या असर होता है?
शनि अगर आपके दसवें भाग में हों तो मातृ-पितृ सुख नहीं मिलता है। लेकिन ऐसा इंसान हार नहीं मानता है और पराक्रम से ही सारे वैभव अर्जित करता है। वह खजांची या फिर जज बनता है? प्रशासन में कई जगह वह अच्छे पद पाता है।
ग्यारवां घर में शनि
शनि अगर एकादश भाव में हो तो व्यक्ति धैर्य रखने वाला और दीर्घायु होता है | यह भाव शनि के लिए सबसे उत्तम माना गया है। शनि इस घर में होता है तो व्यक्ति अपनइच्छाओं को पूरा करने के लिए सभी कोशिश करता है। यह भाव लाभ, आय, सम्पत्ति, ऐश्वर्य, रत्न, वाहन, मांगलिक-कार्य से जुड़ा होता है, इसलिए इस भाव में शनि आपको लाभ देते हैं।
डिस्क्लेमर: सिर्फ शनि के आधार पर पूरी चीजों की गणना नहीं की जा सकती है, इसके अलावा भी कई चीजें हैं जो आपके जीवन पर असर डालती है, जैसे शुभ अशुभ ग्रहों का मिलना और इनकी दृष्टि भी पड़ना। ये चीजें आपको अच्छे से तभी पता चलेंगी तब आप अपनी कुंडली किसी एक्सपर्ट को दिखाएंगे।




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