सावन का पहला सोमवार कब है? जानें डेट, पूजन मुहूर्त व विधि
Sawan Somwar Date 2025: श्रावण मास की प्रतिपदा तिथि 11 जुलाई को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में भोले बाबा की पूरे श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करने से जीवन में शांति व समृद्धि बनी रहती है।

Sawan Somwar Date: सनातन धर्म में सावन का महीना पवित्र व महत्वपूर्ण माना जाता है। ये महीना खासतौर पर भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। 11 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में भोले बाबा की पूरे श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करने से जीवन में शांति व समृद्धि बनी रहती है। सनातन परंपरा में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है। इसी कारण श्रावण मास की प्रतिपदा तिथि 11 जुलाई को 02:06 ए एम से आरम्भ होकर 12 जुलाई को 2:08 ए एम तक रहेगी। सावन में सोमवार का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं सावन का पहला सोमवार कब है-
सावन का पहला सोमवार कब है, जानें डेट: सावन में इस बार चार सोमवार पड़ेंगे। पहला सोमवार 14 जुलाई को, आखिरी सोमवार 8 अगस्त को होगा। 09 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ सावन समाप्त होगा।
- 14 जुलाई: पहला सोमवार
- 21 जुलाई: दूसरा सोमवार
- 28 जुलाई: तीसरा सोमवार
- 04 अगस्त: चौथा सोमवार
पूजन मुहूर्त: सावन के पहले सोमवार पर 6 योगों से इस महीने का हर दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त के रूप में अपना प्रभाव छोड़ेगा। ज्योतिषाचार्य पं. विकास शास्त्री के अनुसार, 14 जुलाई को छह योगों के बनने की शुरुआत प्रीति योग से होगी। इसके बाद क्रमश: आयुष्मान, सुकर्मा, शोभन, सर्वार्थसिद्धि और शिव योग बनेंगे। प्रीति योग जहां सुबह 10 बजे से रात 10:30 बजे तक रहेगा वहीं, अन्य पांच दोपहर 12 से शाम 7 बजे के बीच बनेंगे। आयुष्मान योग दोपहर 12:18 से 01:51 बजे तक रहेगा। सुकर्मा 01:43 से 02:33 बजे तक रहेगा। शोभन और सर्वार्थसिद्धि दोपहर 02:37 बजे से शाम 04:58 बजे तक रहेंगे। शिव योग शाम 05:19 बजे से शाम 07:11 बजे तक रहेगा। इन योगों के दौरान भगवान शिव की पूजा का विशेष फल प्राप्त होगा।
विधि: इस दिन शिव भक्त उपवास रखते हैं और शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध, बेलपत्र आदि अर्पित कर जलाभिषेक करते हैं। इसके साथ चंदन, पुष्प और अक्षत चढ़ाएं। भोग लगाएं। पूरी श्रद्धा के साथ आरती करें। यथाशक्ति मंत्र जाप करें। अंत में क्षमा प्रार्थना करें। माना जाता है कि सावन सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर इच्छा पूरा करते है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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