25 मई से बदल सकती है किस्मत, रोहिणी नक्षत्र में होगा सूर्य गोचर, 3 उपायों से मिलेगा लाभ
Sun Transit In Rohini Nakshatra 2026: 25 मई को सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ये गोचर काफी खास माना जा रहा है। यहां जानें सूर्य गोचर का असर, नौतपा की शुरुआत और कौन से 3 उपाय आपको दिला सकते हैं लाभ?

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य जब भी राशि या नक्षत्र परिवर्तन करते हैं तो उसका असर हर किसी पर दिखता है। ज्योतिषीय दृष्टि से 25 मई का दिन बेहद ही खास माना जा रहा है। इस दिन सूर्य कृतिका नक्षत्र से निकलकर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी समय से नौतपा की भी शुरुआत हो जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान किए गए कुछ खास उपाय जिंदगी में सुख-समृद्धि लाते हैं और जिंदगी को सही दिशा देते हैं।
रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर का महत्व
रोहिणी नक्षत्र को बहुत ही शुभ और पावरफुल माना जाता है। इस नक्षत्र की गिनती चंद्रमा के प्रिय नक्षत्रों में मानी जाती है और इसका कनेक्शन सुख-समृद्धि और सौंदर्यता से जुड़ा माना जाता है। जब सूर्य देव इस नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो गर्मी भी बढ़ने लगती है और इसी के साथ नौतपा का आरंभ होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस समय सूर्य देव की पूजा और उपाय करने से मान-सम्मान में वृद्धि के साथ-साथ कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ता। कुल मिलाकर करियर में खूब लाभ मिलता है और सारे रुके हुए काम भी धीरे-धीरे बनने लगते हैं।
सूर्य गोचर के दिन करें ये काम-
1. हर दिन दें सूर्यदेव को अर्घ्य
सूर्य गोचर के दौरान हर सुबह सूर्योदय के समय सूर्यदेव को अर्घ्य देना बहुत ही फलदायी माना जाता है। इसके लिए तांबे के लोटे में जल लें और उसमें लाल चंदन और कुमकुम मिला लें। इसके बाद सूर्यदेव की दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित करें। सूर्य को जल अर्पित करने से जिंदगी में सकारात्मकता आती है और कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है।
2. करें मंत्र जाप और दान
सूर्य गोचर वाले दिन ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का श्रद्धा से जाप करें। इसे काफी फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और अच्छी ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को गेहूं, गुड़, तांबा या लाल रंग के वस्त्रों का दान करना भी इस दौरान शुभ माना जाएगा। इन दोनों उपायों से सूर्यदेव की कृपा मिलती है और सारी परेशानियां कम होने लगती हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
सूर्य देव को सम्मान और कॉन्फि़डेंस के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में आप सूर्य गोचर के दौरान गुस्सा करें। किसी भी बात का घमंड ना करें। इसके अलावा अपने से बड़ों का अपमान करने से भी बचना चाहिए। कोशिश करें कि आप लोगों के साथ शांत और विनम्र तरीके से पेश आएं। मान्यता है कि सकारात्मक रहेंगे और अच्छा सोचेंगे तो ऊपर किए गए उपाय जल्दी फलदायी होंगे।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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