ram mandir flag hoisting abhijit muhurat today durlabh sanyog tuesday rare connection राम मंदिर ध्वजारोहण: क्या है अभिजीत मुहूर्त? जानें आज का दुर्लभ संयोग और मंगलवार के बेजोड़ कनेक्शन, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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राम मंदिर ध्वजारोहण: क्या है अभिजीत मुहूर्त? जानें आज का दुर्लभ संयोग और मंगलवार के बेजोड़ कनेक्शन

आज यानी 25 नवंबर का दिन सनातन धर्म के लिए बेहद ही खास है। आज अयोध्या के राम मंदिर पर ध्वजारोहण होना है। ये विशेष काम एक शुभ मुहूर्त पर किया जाएगा। वहीं आज का दिन कई मायनों में खास है, जिसका कनेक्शन भगवान राम के साथ-साथ मंगलवार दिन का भी है।

Tue, 25 Nov 2025 08:39 AMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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राम मंदिर ध्वजारोहण: क्या है अभिजीत मुहूर्त? जानें आज का दुर्लभ संयोग और मंगलवार के बेजोड़ कनेक्शन

सनातन धर्म के लिए आज का दिन बेहद ही खास है। आज का दिन इतिहास लिखने वाला है। अयोध्या का राम मंदिर अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। इस मंदिर को बनाने में पांच साल से ऊपर का समय लगा है। अब मंदिर बन चुका है और आज इस पर धर्म ध्वजारोण किया जाएगा। इसी के साथ आज विवाह पंचमी भी है। इसी दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था। ऐसे में आज का दिन सनातनी लोगों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। बात की जाए राम मंदिर पर ध्वजारोहण की तो इसे आज अभिजीत मुहूर्त में किया जाएगा। तो चलिए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों है? अभिजीत मुहूर्त क्या होता है? साथ में जानेंगे कि किसी मंदिर के ऊपर ध्वज लगाने के पीछे का लॉजिक क्या होता है?

क्या है अभिजीत मुहूर्त?

आसान सी भाषा में समझते हैं कि अभिजीत मुहूर्त का मतलब समझते हैं। बता दें कि हिंदू धर्म में इस मुहूर्त को सबसे खास माना जाता है। दरअसल ये दिन का सबसे शुभ समय होता है। इस समय को किसी नए और अच्छे काम को शुरु करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। ये मुहूर्त दोपहर में होता है और इसकी अवधि लगभग 48 घंटे के आसपास होती है। माना जाता है कि इस शुभ मुहूर्त पर किसी भी काम में रूकावट नहीं आती है और भगवान विष्णु का सबसे प्रिय समय होता है। आज अयोध्यान में राम मंदिर पर जो ध्वजारोहण होना है उसका शुभ मुहूर्त 11:45 बजे से 12:29 मिनट तक है।

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बन रहा है ये दुर्लभ संयोग

आज का दिन हर मायने में खास है। दरअसल आज मंगलवार है और जब भगवान राम का जन्म हुआ था, उस दिन भी मंगलवार ही था। उनका जन्म चैत्र मास की नवमी तिथि पर हुआ था। वहीं जब त्रेतायुग में भगवान राम का विवाह मां सीता के साथ हुआ था तब वो दिन मंगलवार का ही था। साथ ही मंगलवार भगवान राम के परम भक्त भगवान हनुमान का भी दिन है। ऐसे में ये दुर्लभ संयोग अपने आप में ही खास है। इस खास दिन पर की गई पूजा का विशेष महत्व है। माना जा रहा है कि आज की गई पूजा से वैवाहिक जीवन में किसी भी तरह की बाधा नहीं आती है।

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मंदिर के ऊपर क्यों फहराती है पताका?

मंदिर के शिखर पर पताका या ध्वज का लगाना सिर्फ सजावट मात्र नहीं है। इसके पीछे गहरी आध्यात्मिक और परंपरागत मान्यता होती है। हिंदू धर्म में मंदिर के शिखर पर लगे हुए ध्वज का विशेष महत्व होता है। ध्वज को विजय, शक्ति और शुभ काम से जोड़कर देखा जाता है। इसे काफी पवित्र माना जाता है जोकि सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है। इसे दैवीय शक्ति का संवाहक भी कहा जाता है।

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