Papmochani Ekadashi kab hai Papmochani Ekadashi Date and Time 2026 Papmochani Ekadashi ka vrat kaise rakhe पापमोचनी एकादशी का व्रत कब और कैसे रखें?, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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पापमोचनी एकादशी का व्रत कब और कैसे रखें?

Papmochani Ekadashi kab hai Papmochani Ekadashi Date : साल में एक बार विष्णु भगवान को समर्पित पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। पापमोचनी एकादशी एक कठिन व्रत है, जिसमें कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक माना जाता है।

Wed, 11 March 2026 03:14 PMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पापमोचनी एकादशी का व्रत कब और कैसे रखें?

Papmochani Ekadashi kab hai Papmochani Ekadashi Date : पापमोचनी एकादशी का व्रत चैत्र महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाएगा। साल में एक बार विष्णु भगवान को समर्पित पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस साल मार्च के महीने में पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026 के दिन रखा जाएगा। पापमोचनी एकादशी एक कठिन व्रत है, जिसमें कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक माना जाता है। आइए जानते हैं पापमोचनी एकादशी के दिन व्रत रखने का तरीका, नियम व लाभ-

पापमोचनी एकादशी का व्रत कब रखें?

14 मार्च 2026 के दिन सुबह 08:10 बजे से एकादशी तिथि की शुरुआत होगी, जो 15 मार्च 2026 के दिन सुबह 09:16 बजे तक रहेगी। इस साल 15 मार्च 2026 के दिन पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस एकादशी के व्रत का पारण 16 मार्च के दिन किया जाएगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 09:40 ए एम रहेगा।

पापमोचनी एकादशी का व्रत कैसे रखना चाहिए?

1. पापमोचनी एकादशी के दिन प्रात: काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए।

2. भगवान विष्णु की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें फूल, तुलसी दल, पीले वस्त्र और मिठाई अर्पित करें। व्रत रखने का संकल्प जरूर लें।

3. इस दिन पापमोचनी एकादशी की व्रत कथा सुनने और सुनाने का विशेष महत्व माना जाता है।

4. पापमोचनी एकादशी के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। केवल फलाहार करें या जल ग्रहण करें।

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पापमोचनी एकादशी व्रत रखने के क्या-क्या नियम हैं?

  • पापमोचनी एकादशी व्रत रखने के दौरान सत्य, अहिंसा और संयम का पालन करना चाहिए।
  • व्रत रखने वालों को इस दिन किसी भी प्रकार के बुरे विचारों या कार्यों से बचना चाहिए।
  • भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लेना फलदायक माना जाता है।
  • मन और कर्म से पवित्र रहें।
  • द्वादशी तिथि और मुहूर्त देखकर पापमोचनी एकादशी के व्रत का पारण करें।
  • दशमी तिथि को तामसिक भोजन जैसे प्याज, मांस, लहसुन, व अल्कोहल आदि से दूर रहें।

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पापमोचनी एकादशी का व्रत रखने से क्या लाभ मिलते हैं?

  1. मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव होता है।
  2. जीवन में संतुलन और स्थिरता आती है।
  3. भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने का अनमोल अवसर है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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