Nirjala ekadashi 2026 mein pani kab pina chahiye bhimseni ekadashi date aur paran ka samay निर्जला एकादशी व्रत में पानी कब पीना चाहिए? जानें डेट व व्रत पारण समय से लेकर 5 जरूरी बातें, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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निर्जला एकादशी व्रत में पानी कब पीना चाहिए? जानें डेट व व्रत पारण समय से लेकर 5 जरूरी बातें

Nirjala ekadashi 2026 vrat kab hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए यह व्रत उत्तम माना जाता है। कुछ दिनों में निर्जला एकादशी व्रत रखा जाएगा, जानें इस व्रत में पानी कब पीना चाहिए।

Tue, 26 May 2026 08:07 AMSaumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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निर्जला एकादशी व्रत में पानी कब पीना चाहिए? जानें डेट व व्रत पारण समय से लेकर 5 जरूरी बातें

Nirjala ekadashi 2026 Date and Time: हिंदू धर्म में यूं तो हर एक एकादशी तिथि का महत्व है लेकिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी तिथि खास मानी गई है। निर्जला एकादशी का व्रत बिना किसी भी तरह के भोजन और पानी के बिना किया जाता है। इस कारण इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। निर्जला एकादशी को पाण्डव एकादशी या भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जानते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार पाण्डवों में दूसरा भाई भीमसेन खाने-पीने का अत्यधिक शौकीन था। वह अपनी भूख नियंत्रित करने में असफल था, यही वजह थी कि वह एकादशी व्रत के नियमों का पालन नहीं कर पाता था। भीम के अलावा सभी पाण्डव भाई और द्रौपदी साल के सभी एकादशी व्रत करते थे। तब महर्षि व्यास ने भीमसेन को एक बार निर्जला एकादशी करने की सलाह दी थी और कहा कि निर्जला एकादशी व्रत सभी 24 एकादशी व्रतों के समान है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी फल का फल सभी 24 एकादशी व्रत के फलों के समान है। अगर आप भी निर्जला एकादशी व्रत करने वाले हैं, तो जानें कब रखा जाएगा व्रत, पारण का समय और कब पीना चाहिए पानी समेत पांच जरूरी सवालों के जवाब।

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1. निर्जला एकादशी व्रत कब रखा जाएगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 06 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी और 25 जून 2026 को रात 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी। निर्जला एकादशी व्रत उदया तिथि में 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।

2. निर्जला एकादशी पूजा का समय क्या है?

निर्जला एकादशी पर रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलती है। निर्जला एकादशी पर पूजन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 05 मिनट से सुबह 04 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। रवि योग सुबह 05 बजकर 25 मिनट से शाम 04 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

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3. निर्जला एकादशी पर भद्रा का साया रहेगा या नहीं?

इस बार निर्जला एकादशी के दिन भद्रा का साया रहने वाला है। भद्रा सुबह 07 बजकर 08 मिनट से प्रारंभ होगी और रात 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी। ज्योतिष शास्त्र में भद्रा एक विशेष अशुभ समय होता है। इस दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य करना पूरी तरह वर्जित होता है।

4. निर्जला एकादशी पर पानी कब पीना चाहिए:

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, निर्जला एकादशी के दिन व्रत के संकल्प से लेकर अगले दिन द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक जल पीने की मनाही होती है। निर्जला एकादशी व्रत के पारण के समय ही पानी पिया जाता है।

5. निर्जला एकादशी व्रत पारण का समय क्या है:

निर्जला एकादशी व्रत का पारण 26 मई 2026, शुक्रवार को किया जाएगा। व्रत पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 25 मिनट से सुबह 08 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।

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डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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