Nirjala Ekadashi 2026 Date Time Puja Shubh Muhurat Vidhi Nirjala Ekadashi Date : 2026 में निर्जला एकादशी कब है? नोट कर लें सही डेट और शुभ मुहूर्त, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Nirjala Ekadashi Date : 2026 में निर्जला एकादशी कब है? नोट कर लें सही डेट और शुभ मुहूर्त

निर्जला एकादशी साल की सबसे कठिन एकादशी मानी जाती है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग न कुछ खाते हैं और न ही पानी पीते हैं। इसलिए इसे बाकी सभी एकादशियों से अलग और ज्यादा कठिन माना जाता है। फिर भी लोग इस व्रत को बड़ी श्रद्धा से रखते हैं, क्योंकि मान्यता है कि इसका फल बहुत बड़ा होता है।

Fri, 17 April 2026 11:09 AMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Nirjala Ekadashi Date : 2026 में निर्जला एकादशी कब है? नोट कर लें सही डेट और शुभ मुहूर्त

निर्जला एकादशी साल की सबसे कठिन एकादशी मानी जाती है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग न कुछ खाते हैं और न ही पानी पीते हैं। इसलिए इसे बाकी सभी एकादशियों से अलग और ज्यादा कठिन माना जाता है। फिर भी लोग इस व्रत को बड़ी श्रद्धा से रखते हैं, क्योंकि मान्यता है कि इसका फल बहुत बड़ा होता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति पूरे साल की एकादशी नहीं रख पाता, तो वह सिर्फ निर्जला एकादशी रखकर भी उतना ही पुण्य पा सकता है। यही वजह है कि इस व्रत का इंतजार लोग पूरे साल करते हैं।

कब है निर्जला एकादशी 2026

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 6 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी और 25 जून को रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। व्रत हमेशा उदय तिथि के हिसाब से रखा जाता है, इसलिए इस बार निर्जला एकादशी 25 जून, गुरुवार को रखी जाएगी।

क्यों इतना कठिन होता है यह व्रत- इस व्रत में पानी तक नहीं पीना होता। सुबह से अगले दिन तक पूरा दिन बिना जल के रहना आसान नहीं होता, खासकर जून की गर्मी में। इसी वजह से इसे सबसे कठिन व्रत कहा जाता है। कहानी भी मिलती है कि भीमसेन को भूख बहुत लगती थी और वे व्रत नहीं रख पाते थे, लेकिन उन्होंने भी यह व्रत रखा था। इसलिए इसे भीम एकादशी भी कहते हैं।

पूजा का समय और तरीका- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें। सुबह 5:25 से 7:10 बजे तक पूजा करना अच्छा माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त 4:05 से 4:45 बजे तक रहेगा। इस समय में पूजा करने से ज्यादा शुभ फल मिलता है। दिनभर भगवान विष्णु का नाम लें और शांत रहने की कोशिश करें।

व्रत का क्या महत्व है- ऐसा माना जाता है कि निर्जला एकादशी रखने से पाप खत्म होते हैं और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है। इस व्रत का फल बाकी सभी एकादशियों के बराबर बताया गया है। लोग इसे इसलिए भी रखते हैं ताकि जीवन में सुख-शांति बनी रहे।

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पारण कब करें- व्रत के बाद उसे सही समय पर खोलना जरूरी होता है। 26 जून को सुबह 5:25 से 8:13 बजे के बीच व्रत खोल सकते हैं। इसी समय को सही माना गया है।

ध्यान रखने वाली बातें

  • अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं है, तो जबरदस्ती व्रत न रखें।
  • दिनभर धैर्य रखें और ज्यादा मेहनत वाले काम से बचें।
  • जरूरतमंद को दान करना अच्छा माना जाता है।

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डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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