Gemstone: इस रत्न को पहनते ही करियर में मिलती है ग्रोथ, पहनने से बचें इस राशि के लोग
रत्नशास्त्र के हिसाब से मूंगा ऐसा रत्न है जो करियर में अच्छी ग्रोथ दे सकता है। हालांकि इसके पहनने के कई नियम भी हैं। तो आइए जानते हैं इसके बारे में।

ज्योतिष और रत्न शास्त्र में हर एक रत्न को खास महत्व जाता है। पुखराज, मोती, हीरा और पन्ना अपने आप में खास होते हैं। रत्नशास्त्र की दुनिया में मूंगा को भी काफी पावरफुल माना जाता है। मान्यता है कि सही रत्न पहनने से जिंदगी में आने वाली बाधाएं कम होती है और कॉन्फिडेंस बूस्ट अप होता है। इसी के साथ काम में भी आगे बढ़ने के एनर्जी मिलती है। लोग अलग-अलग वजहों से रत्न धारण करते हैं। वहीं करियर में अच्छी ग्रोथ पाने के लिए भी लोग रत्न का सहारा लेते हैं। जो लोग करियर में उतार-चढ़ाव देखते हैं, उन्हें मूंगा पहनने की सलाह दी जाती है।
मंगल और मूंगा का कनेक्शन
मूंगा को मंगल से जुड़ा माना जाता है। माना जाता है कि मूंगा को धारण करने से सही एनर्जी मिलती है और हर काम को करने की हिम्मत मिलती है। जो लोग इसे धारण करते हैं उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता है। साथ ही इसकी मदद से हर काम में मन लगता है क्योंकि इससे व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति फोकस्ड होता है।
ये लोग पहन सकते हैं मूंगा
जिन लोगों को बार-बार रुकावट महसूस होती है या काम में मन नहीं लगता उन लोगों को भी मूंगा पहनने की सलाह दी जाती है। वहीं रत्न शास्त्र के हिसाब से स्पोर्ट्स, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट से जुड़े लोगों के लिए मूंगा किसी मिरेकल से कम नहीं होता है। हालांकि किसी भी रत्न को धारण करने से पहले एक बार कुंडली को किसी जानकार ज्योतिष को दिखाकर ही रत्न पहनना चाहिए।
इन राशियों को रहना चाहिए दूर
हर रत्न काफी फलदायी होते हैं लेकिन सभी के लिए नहीं। ज्योतिष और रत्न शास्त्र के हिसाब से मूंगा हर किसी पर अच्छा असर नहीं डालता है। शास्त्र के हिसाब से मेष, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के लोगों को मूंगा से दूर रहना चाहिए और अगर इसे धारण करना ही है तो ज्योतिषी की सलाह पर ही ये काम करें नहीं तो इसका नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। दरअसल गलत रत्न धारण करने की वजह से मन में बैचेनी और काम में रुकावटें आ सकती हैं।
ऐसे धारण करें मूंगा
मूंगा को धारण करने का सही नियम भी पता होना जरूरी है। इसे हमेशा चांदी या फिर तांबे में ही जड़वाकर पहनना चाहिए। साथ ही नियम के हिसाब से इसे मंगलवार के दिन पहनना चाहिए। सबसे पहले मूंगा को कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करन लेना चाहिए। शुद्धीकरण के बाद इसे अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए। धारण करते वक्त अपने ईष्ट देवता को मन ही मन याद करना बेहतर माना जाता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए रत्नशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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