मीन राशि पर चल रहा साढ़ेसाती का शिखर चरण, जानें शनिदेव कैसे देते हैं फल और कब मिलेगी मुक्ति?
Meen rashi shani sade sati: इस समय मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। इस राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। जानें मीन राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से कब छुटकारा मिलेगा और दूसरे चरण में कैसे मिलते हैं फल।

Meen rashi par shani sadesati kab khatm hogi: ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मफलदाता और न्याय देवता माना जाता है। शनि हर व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। नव ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। शनि जब राशि परिवर्तन करते हैं तो कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू होती है। शनि की साढ़ेसाती की कुल अवधि 7.5 साल की होती है, जो तीन चरणों (ढाई-ढाई साल) में बंटी होती है। मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का इस समय दूसरा चरण (शिखर काल) चल रहा है। यह समय जीवन में कई बड़े बदलाव, कड़ी मेहनत और धैर्य की परीक्षा का होता है। आइए जानते हैं कि मीन राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से कब छुटकारा मिलेगा और शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने के उपाय।
मीन राशि से कब हटेगी शनि की साढ़ेसाती:
ज्योतिष गणना के अनुसार, वर्तमान में मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चल रहा है। यह चरण बहुत चुनौतीपूर्ण माना जाता है। जून में मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण शुरू होगा। मीन राशि को शनि की साढ़ेसाती 08 अगस्त 2029 को पूरी तरह मुक्ति मिलेगी, जब शनि वृषभ राशि में गोचर करेंगे।
साढ़ेसाती के मुख्य प्रभाव:
शनि की साढ़ेसाती के समय जातक को काम में देरी और बाधाओं का सामना करना पड़ता है, इस समय मेहनत का पूरा फल नहीं मिलता है। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलना ही समझदारी भरा होता है। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
साढ़ेसाती के दूसरे (शिखर) चरण में क्या फल मिलता है:
मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का शिखर चरण, यह शनि की साढ़ेसाती का सबसे मुश्किल समय होता है। कहा जाता है कि शनि की साढ़ेसाती का यह चरण मानसिक रूप से थका देने वाला होता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस समय शनि सेहत से जुड़ी परेशानी, मानसिक अशांति, रिश्तों में अनबन और दुख-दर्द प्रदान कर सकता है। इस दौरान कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है, जिसके कम परिणाम प्राप्त होते हैं। कई बार व्यक्ति को शनि के प्रभाव से स्थान परिवर्तन भी करना पड़ जाता है। इस समय धन का प्रवाह कम हो जाता है और खर्चों में वृद्धि हो जाती है।
शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के उपाय-
1. शनि कृपा पाने के लिए प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। मान्यता है कि हनुमान जी के भक्तों पर शनिदेव भी अपनी कृपा दृष्टि रखते हैं।
2. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हर शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
3. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, हर रोज 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...' मंत्र का या शनि मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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