Mahashivratri 2026 Pooja How to do Abhishek on Mahashivratri 2026 Mahashivratri ke din abhishek kaise rakhe Mahashivratri: महाशिवरात्रि पर कैसे करें भगवान शिव का अभिषेक? जानें संपूर्ण विधि, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Mahashivratri: महाशिवरात्रि पर कैसे करें भगवान शिव का अभिषेक? जानें संपूर्ण विधि

Mahashivratri 2026 Pooja: इस साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को ही महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। महा शिवरात्रि के दिन विधि-विधान के साथ भगवान शिव का अभिषेक करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Thu, 12 Feb 2026 12:54 AMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Mahashivratri: महाशिवरात्रि पर कैसे करें भगवान शिव का अभिषेक? जानें संपूर्ण विधि

Mahashivratri 2026 Pooja: महाशिवरात्रि का दिन भगवान श्री हरि विष्णु जी को समर्पित है। इस साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को ही महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना करने से पापों से मुक्ति मिल सकती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी 2026 के दिन महा शिवरात्रि का पर्व बेहद उल्लास के साथ मनाया जाएगा। महा शिवरात्रि के दिन विधि-विधान के साथ भगवान शिव का अभिषेक करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आइए जानते हैं महा शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का अभिषेक करने की संपूर्ण विधि और मंत्र-

महाशिवरात्रि पर कैसे करें भगवान शिव का अभिषेक? जानें संपूर्ण विधि

संध्या के समय स्नान आदि से निवृत होकर सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें। इसके बाद भगवान शिव, पार्वती सहित सभी देवता और नौ ग्रहों का ध्यान कर रुद्राभिषेक करने का संकल्प लें। मिट्टी से शिवलिंग बनाएं और उत्तर दिशा में स्थापित करें। रुद्राभिषेक करने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करते हुए इस विधि की शुरुआत करें। सबसे पहले शिवलिंग को गंगाजल से स्नान करवाएं। इसके बाद गन्ने के रस, गाय के कच्चे दूध, शहद, घी और मिश्री से शिवलिंग का अभिषेक करें। हर सामग्री से अभिषेक करने से पहले और बाद में पवित्र जल या गंगाजल चढ़ाएं। प्रभु पर बिल्व पत्र, सफेद चंदन, अक्षत, काला तिल, भांग, धतूरा, आंक, शमी पुष्प व पत्र, कनेर, कलावा, फल, मिष्ठान और सफेद फूल अर्पित करें। इसके बाद शिव परिवार सहित समस्त देवी-देवताओं की पूजा करें। प्रभु को भोग लगाएं। अंत में पूरी श्रद्धा के साथ शिव जी की आरती करें। अंत में क्षमा प्रार्थना करें। इस क्रिया के दौरान अर्पित किया जाने वाला जल या अन्य द्रव्यों को इकट्ठा कर घर के सभी कोनों और सभी लोगों पर छिड़के और इसे प्रसाद स्वरूप में भी ग्रहण कर सकते हैं। रुद्राभिषेक खासतौर पर विद्वान् पंडित से करवाना अत्यंत सिद्ध माना जाता है। आप खुद भी रुद्राष्टाध्यायी का पाठ कर इस विधि को संपूर्ण कर सकते हैं।

शिव मंत्र

ॐ नमः शिवाय

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

महाशिवरात्रि के दिन क्या न करें?

  1. महाशिवरात्रि के दिन भूलकर भी मास आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से भगवान शिव नराज हो सकते हैं।
  2. महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की पूजा में कुमकुम या सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव वैरागी माने जाते हैं, जबकि सिंधुर सौभाग्य का प्रतीक है। इसलिए कुमकुम या सिंदूर को शिवलिंग पर नहीं अर्पित करना चाहिए।
  3. कोशिश करें की इस दिन आप किसी का दिल न दुखाएं और वाद-विवाद से भी बचें। किसी का भी अपमान करने से बचें और न ही किसी का मजाक उड़ाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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