Lunar Eclipse Timing 2025 Chandra Grahan Blood Moon In India for 1 hour 22 minutes Lunar Eclipse, चंद्र ग्रहण: रात 11 बजे से दिखेगा ‘लाल चांद’, 1 घंटे 22 मिनट तक देख सकेंगे Blood Moon, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Lunar Eclipse, चंद्र ग्रहण: रात 11 बजे से दिखेगा ‘लाल चांद’, 1 घंटे 22 मिनट तक देख सकेंगे Blood Moon

Lunar Eclipse Timing 2025 Chandra Grahan In India: चंद्र ग्रहण आज के दिन नौ बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा। पूर्ण चंद्र ग्रहण को लाल चांद यानि ब्लड मून कहते हैं, जो ग्रहण शुरू होने के कुछ घंटों बाद देखा जा सकेगा।

Sun, 7 Sep 2025 06:56 PMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Lunar Eclipse, चंद्र ग्रहण: रात 11 बजे से दिखेगा ‘लाल चांद’, 1 घंटे 22 मिनट तक देख सकेंगे Blood Moon

Lunar Eclipse Timing 2025 Chandra Grahan: चंद्र ग्रहण आज के दिन नौ बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा। पूर्ण चंद्र ग्रहण को ब्लड मून भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह पूरा लाल रंग का दिखाई देता है। चंद्रग्रहण का शुरुआती चरण रात एक बजकर 26 मिनट से खत्म होना शुरू होगा और दो बजकर 25 मिनट पर पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। आज आसमान में चंद्रमा लाल रंग में नजर आएगा। चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देखा जा सकेगा। आइए जानते हैं, कितने बजे से दिखेगा ‘लाल चांद’ यानि ब्लड मून और आखिर क्यों और कैसे लाल रंग में नजर आएगा चंद्रमा-

चंद्र ग्रहण: रात 11 बजे से दिखेगा ‘लाल चांद’, 1 घंटे 22 मिनट तक देख सकेंगे Blood Moon

वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्ण चंद्रग्रहण 11 बजकर एक मिनट से शुरू होगा और 12 बजकर 23 मिनट तक चलेगा। कुल 82 मिनट का पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है। इस कारण चंद्रमा धीरे-धीरे लाल और नारंगी रंग में चमकता हुआ दिखाई देगा। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, बैंगलोर और नैनीताल जैसे प्रमुख शहरों से चंद्र ग्रहण साफ देखा जा सकेगा।

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कब लगता है पूर्ण चंद्रग्रहण: पूर्ण चंद्रग्रहण तब लगता है, जब पृथ्वी सूर्य और चांद के बीच आ जाती है। इसकी छाया चंद्रमा की सतह पर पड़ती है, तब ऐसा संयोग बनता है।

Blood Moon: क्यों दिखता हैं ब्लड मून?

पृथ्वी के वायुमंडल से सूर्य की किरणें गुजरकर लाल रंग की हो जाती हैं, जिससे चंद्रमा लाल यानी ब्लड रेड दिखाई देता है। वैज्ञानिकों की मानें तो इसे रेले स्कैटरिंग प्रक्रिया कहते हैं, जहां नीली किरणें बिखर जाती हैं और लाल किरणें चंद्रमा तक पहुंच पाती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी की भीतरी छाया को उंब्रा और बाहरी छाया को पेनुंब्रा कहते हैं। चांद उंब्रा में प्रवेश करता है तो लोग आंशिक चंद्रग्रहण देखते हैं।

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