Jupiter for Marriage: गुरु की उच्च स्थिति करवाएगी चट मंगनी पट ब्याह, खराब प्लेसमेंट से होंगे ये नुकसान
ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से विवाह में हो रही देरी के लिए गुरु की स्थिति ही जिम्मेदार होती है। आइए जानते हैं कि आखिर गुरु की स्थिति सही होने पर जिंदगी में किस तरह के पॉजिटिव बदलाव आते हैं?

ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रह अच्छे माने जाते हैं लेकिन गुरु यानी बृहस्पति को शुभ ग्रहों में से एक माना जाता है। बात अगर शादी या फिर रिश्तों की आती है तो कुंडली में इसकी स्थिति का महत्व बढ़ जाता है। अगर किसी शख्स की कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत या फिर एकदम उच्च स्थिति में होती है तो माना जाता है कि शादी के लिए समय सबसे सही है और आगे चलकर शादीशुदा जिंदगी खुशहाल तरीके से आगे बढ़ने की संभावना और भी ज्यादा बढ़ जाती है। आपने भी कई बार इस टर्म को बार-बार ज्योतिष या फिर वैदिक शास्त्र की जानकारी रखने वाले शख्स से जरूर सुनी होगी।
क्या होती है गुरु की उच्च स्थिति?
शास्त्र के हिसाब से अगर किसी की कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति काफी अच्छी है और उसकी प्लेसमेंट ऐसी है कि वह एकदम मजबूत स्थिति में बैठा है तो ऐसे शख्स की जिंदगी में पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलता है। ग्रहों की दशा बदलने के साथ-साथ जब चीजें सही तरीके से अलाइन होती हैं तो ऐसे शख्स को अच्छे लोग और अच्छे रिश्ते मिलने लगते हैं। साथ ही ऐसे लोगों को हर स्थिति में परिवार का सपोर्ट जरूर मिलता है। वहीं गुरु की स्थिति मजबूत होने की वजह से ऐसे लोगों की जिंदगी में अच्छा-खासा बैलेंस बनता है।
शादी के लिए गुरु क्यों है जरूरी?
अगर आपके मन में ये सवाल आ रहा है कि आखिर गुरु ग्रह ही शादी या रिश्तों के लिए क्यों जिम्मेदार होता है? तो बता दें कि इस ग्रह को ज्ञान और समझदारी के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। साथ ही माना जाता है कि इस ग्रह की अच्छी स्थिति की वजह से लोग जिंदगी में बड़े फैसले ले पाते हैं। इसी वजह से शादी जैसी चीजों के लिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने के लिए अहम फैसला बहुत जरूरी होता है और गुरु की मजबूती की वजह से किसी भी शख्स की जिंदगी में ये काम आसानी से हो जाता है।
शादी में देरी की वजह गुरु?
1. अब आप ये आसानी से समझ पा रहे होंगे कि शादी के लिए गुरु की स्थिति कितनी मायने रखती है। तो ऐसे में क्या गुरु की स्थिति खराब होने पर शादी ही नहीं होगी? ये सवाल अगर आपके मन में आ रहा है तो बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से ऐसी स्थिति में या तो शादी में देरी होती है या फिर रिश्ते में दिक्कत आ सकती है।
2. आपने देखा होगा कि कई बार अच्छे से अच्छा रिश्ता आता है लेकिन बात वैसी नहीं बन पाती है जैसा हम सोचते हैं। तो अगली बार से आपको किस्मत को कोसने की जरूरत नहीं है। इसके लिए भी उपाय बताए जाते हैं।
3. ज्योतिष को कुंडली दिखाकर इस ग्रह की स्थिति को काफी हद तक मजबूत किया जा सकता है तो ऐसे में ये समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगती है और स्थिति ऐसी बनती है कि रिश्ता पलक छपकते कब तय हो जाता है कि आपको पता भी नहीं चलेगा। हालांकि इसके लिए सही ज्योतिष को दिखाना जरूरी है।
गुरु का हमारी जिंदगी पर असर
बता दें कि गुरु की उच्च स्थिति सिर्फ शादी तक ही सीमित नहीं है। ऐसा होने से शादीशुदा जिंदगी तो अच्छी चलती ही है। बल्कि इसकी वजह से पार्टनर के साथ अंडरस्टैंडिंग भी अच्छी होती है। पारिवारिक माहौल बहुत ही अच्छा होता है और प्रोफेशनल लाइफ में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिलती है। हालांकि इन चीजों के लिए बाकी ग्रहों की भी स्थिति काफी हद तक मैटर करती है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




साइन इन