Holi 2026: होलिका दहन की रात निशीथ काल में जरूर करें ये 5 काम, धर्म शास्त्रों में है विशेष मान्यता
2026 में होलिका दहन 2 मार्च की शाम को होगा और निशीथ काल रात 12:06 से 12:56 बजे तक रहेगा। इस दौरान मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं।

होलिका दहन की रात को सिद्धि की रात माना जाता है। इस रात का निशीथ काल (मध्यरात्रि का समय) विशेष रूप से शक्तिशाली होता है। शास्त्रों के अनुसार इस समय किए गए ज्योतिषीय उपाय, मंत्र जप और दान बहुत जल्दी फल देते हैं। 2026 में होलिका दहन 2 मार्च की शाम को होगा और निशीथ काल रात 12:06 से 12:56 बजे तक रहेगा। इस दौरान मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं। इन उपायों से घर में धन-धान्य की वृद्धि, आर्थिक बाधाओं का निवारण और सुख-समृद्धि आती है। आइए जानते हैं इन 5 खास कामों के बारे में।
निशीथ काल का धार्मिक महत्व
निशीथ काल रात का वह समय है, जब सारी दुनिया शांत होती है और आध्यात्मिक ऊर्जा चरम पर पहुंचती है। धर्म शास्त्रों में इसे सिद्धि प्राप्ति का सर्वोत्तम समय बताया गया है। होलिका दहन की रात निशीथ काल में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस समय किए गए उपाय, मंत्र जप और दान अचूक फल देते हैं। यह समय बंद किस्मत के दरवाजे खोलने, आर्थिक तंगी दूर करने और मनोकामना पूर्ति के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
मुख्य द्वार पर घी का दीया जलाएं
निशीथ काल में घर के मुख्य द्वार के दोनों कोनों पर घी का दीया जलाएं। यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष लाभकारी है जो मेहनत के बावजूद आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। घी का दीया मां लक्ष्मी का प्रतीक है। इस उपाय से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और बेवजह के खर्चों में कमी आती है। दीया जलाते समय मां लक्ष्मी से धन-समृद्धि की प्रार्थना करें। यह छोटा सा उपाय घर में धन के नए रास्ते खोल सकता है।
होलिका की राख से दरिद्रता दूर करें
होलिका दहन की राख को बहुत शक्तिशाली माना जाता है। निशीथ काल में या दहन के बाद राख को लाल कपड़े में बांधकर मां लक्ष्मी के सामने रखें। माता लक्ष्मी का ध्यान करते हुए प्रार्थना करें कि घर से दरिद्रता दूर हो और धन-धान्य की वृद्धि हो। राख को तिजोरी या पूजा स्थान पर सुरक्षित रखें। अगले दिन राख से तिलक लगाने या घर के कोनों में छिड़काव करने से भी आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं। यह उपाय अटके हुए काम बनवाने में भी सहायक है।
श्री सूक्त पाठ से आर्थिक बाधाएं दूर
निशीथ काल में लाल आसन पर बैठकर श्री सूक्त का विधि-विधान से पाठ करें। घी का दीपक जलाएं, फूल और अगरबत्ती अर्पित करें। पाठ के अंत में मां से क्षमा मांगें और अपनी आर्थिक इच्छा कहें। श्री सूक्त को धन-धान्य और समृद्धि का सबसे शक्तिशाली स्तोत्र माना गया है। इस पाठ से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और घर में संपन्नता आती है। यदि समय कम हो तो कम से कम 3 या 5 बार पाठ करें। पाठ के बाद मां लक्ष्मी के चरणों में प्रणाम करें।
जरूरतमंद को खीर का दान दें
निशीथ काल में केसर, मखाने और दूध से खीर बनाएं। पहले मां लक्ष्मी को भोग लगाएं। फिर खीर को दो हिस्सों में बांटें – एक हिस्सा किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान करें और दूसरा प्रसाद के रूप में परिवार के साथ ग्रहण करें। शास्त्रों में दान को लक्ष्मी प्रसन्न करने वाला बताया गया है। इस उपाय से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। दान करते समय मन में सच्ची श्रद्धा और दया का भाव रखें। यह कार्य धन के प्रवाह को बढ़ाता है।
मां लक्ष्मी के बीज मंत्र का जप करें
निशीथ काल में लाल आसन पर लाल वस्त्र धारण कर बैठें। मां लक्ष्मी के बीज मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं श्रीं कमला कमलालये नमः' का जप करें। कम से कम 11 माला (1188 बार) जप करें। जप के दौरान घी का दीपक जलाएं और मां लक्ष्मी की मूर्ति के सामने फूल अर्पित करें। जप के बाद अपनी मनोकामना मांगें। यह मंत्र धन-धान्य और समृद्धि का सबसे शक्तिशाली मंत्र है। इससे कारोबार में तरक्की, नौकरी में उन्नति और आर्थिक स्थिरता मिलती है। जप के बाद मां के चरणों में प्रणाम करें।
होलिका दहन की रात निशीथ काल में ये 5 काम श्रद्धापूर्वक करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। घर में धन, सुख-समृद्धि और शांति का प्रवाह बढ़ता है। 2 मार्च 2026 को इन उपायों को अपनाएं और जीवन में नए रंग भरें।




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