कपासन के शनि मंदिर का कपाट 3 मार्च को रहेगा बंद, चंद्र ग्रहण के कारण पूरे दिन नहीं होंगे दर्शन
ग्रहण के कारण राजस्थान के प्रसिद्ध कपासन शनि महाराज आली मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ग्रहण के समय घर पर ही नाम जप और प्रार्थना करें।

3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा पर पड़ने वाला चंद्र ग्रहण पूरे देश में धार्मिक स्थलों के लिए विशेष सावधानी का विषय बना हुआ है। इस ग्रहण के कारण राजस्थान के प्रसिद्ध कपासन शनि महाराज आली मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ग्रहण के समय घर पर ही नाम जप और प्रार्थना करें। आइए जानते हैं कपासन शनि मंदिर के साथ अन्य प्रमुख मंदिरों के बंद होने का विवरण और कारण।
कपासन शनि महाराज मंदिर में दर्शन बंद
मेवाड़ के प्रसिद्ध शनिधाम श्री शनि महाराज आली मंदिर (कपासन, राजस्थान) के कपाट चंद्र ग्रहण के कारण मंगलवार, 3 मार्च 2026 को पूरे दिन बंद रहेंगे। प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी के सचिव कालू सिंह चौहान ने बताया कि मंदिर के कपाट सुबह 9:45 बजे बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। इसके बाद मंदिर की धुलाई और शुद्धिकरण की जाएगी। शुद्धिकरण और नियमित सेवा-पूजा के बाद दर्शन पुनः शुरू होंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए कोई दर्शन नहीं होगा।
चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल
3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। भारत में चंद्रमा उदय शाम करीब 6:26-6:32 बजे होगा, इसलिए ग्रहण केवल 14-20 मिनट तक दिखाई देगा। इसे ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण कहा जा रहा है। ग्रहण का सूतक काल सुबह से शुरू हो जाता है। शास्त्रों में ग्रहण के समय मंदिरों के पट बंद करने और दर्शन रोकने का विधान है। इस दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य वर्जित रहते हैं।
खाटू श्यामजी धाम में भी बंद रहेंगे कपाट
राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्यामजी धाम में भी चंद्र ग्रहण के कारण दर्शन बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन ने सूचना जारी कर बताया कि मंगला आरती के बाद पट बंद हो जाएंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धिकरण और पूजन के पश्चात दर्शन शुरू होंगे। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे घर पर ही श्री श्याम बाबा का नाम जप करें। खाटू धाम में ग्रहण के समय भारी भीड़ होती है, इसलिए सुरक्षा के लिए भी यह निर्णय लिया गया है।
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में पट बंद
राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में भी ग्रहण के कारण दर्शन बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन ने बताया कि ग्रहण प्रारंभ होने से डेढ़ घंटे पहले पट बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण मोक्ष के बाद मोक्ष पूजन और शुद्धिकरण होगा। इसके बाद शाम को दर्शन शुरू होंगे। मेहंदीपुर बालाजी में ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरती जाती है, क्योंकि यहां श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक होती है। भक्तों से घर पर ही हनुमान चालीसा या बालाजी आरती करने की सलाह दी गई है।
अन्य प्रमुख मंदिरों में भी यही व्यवस्था
चंद्र ग्रहण के कारण देश के कई अन्य प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन बंद रहेंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर में पट अपराह्न 4:30 बजे बंद होंगे और शाम 7:15 बजे के बाद खुलेंगे। सोमनाथ मंदिर, तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी और द्वारका धाम जैसे तीर्थ स्थलों में भी ग्रहण के समय पट बंद रहेंगे। शास्त्रों में ग्रहण के दौरान मंदिरों में प्रवेश और पूजा वर्जित है। सभी मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से घर पर ही नाम जप, ध्यान और प्रार्थना करने की अपील की है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर साफ वस्त्र धारण कर दर्शन करें।
चंद्र ग्रहण पर मंदिर बंद होने से भक्तों को पहले से योजना बनाने की जरूरत है। घर पर शुभ कार्यों से इस दिन का लाभ उठाएं।




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