रत्न शास्त्र: करियर में तगड़ी तरक्की के लिए पहने ये 3 रत्न, धारण करने से पहले पढ़ें नियम
ज्योतिष शास्त्र में रत्न शास्त्र को विशेष महत्व दिया गया है, जिसमें अलग-अलग रत्नों के प्रभाव और उन्हें धारण करने के सही तरीके बताए गए हैं। इस विद्या के अनुसार 9 प्रमुख रत्न और 84 उपरत्न होते हैं, जो नौ ग्रहों से जुड़े माने जाते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में रत्न शास्त्र को विशेष महत्व दिया गया है, जिसमें अलग-अलग रत्नों के प्रभाव और उन्हें धारण करने के सही तरीके बताए गए हैं। इस विद्या के अनुसार 9 प्रमुख रत्न और 84 उपरत्न होते हैं, जो नौ ग्रहों से जुड़े माने जाते हैं। मान्यता है कि सही रत्न पहनने से करियर, व्यापार, धन और आत्मविश्वास से जुड़ी समस्याओं में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। हालांकि, किसी भी रत्न को धारण करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है, क्योंकि गलत रत्न पहनने से नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि करियर में सफलता पाने के लिए कौन-से रत्न उपयोगी माने जाते हैं और उन्हें पहनने के सही नियम क्या हैं।
माणिक्य रत्न
माणिक्य को सूर्य ग्रह का प्रतीक माना जाता है और यह व्यक्ति के करियर में नेतृत्व क्षमता, सफलता और प्रभाव को बढ़ाने में सहायक होता है। विशेष रूप से राजनीति, बिजनेस या उच्च पदों पर कार्य करने वाले लोगों के लिए यह रत्न लाभदायक माना जाता है। इसे धारण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और व्यक्तित्व में भी निखार आता है।
माणिक्य पहनने के नियम
रविवार का दिन माणिक्य पहनने के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
धारण करने से पहले रत्न की शुद्धि करना जरूरी होता है।
माणिक्य को सोने या तांबे की अंगूठी में जड़वाकर पहनें।
पहनने से पहले गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्धि करें।
इसे दाहिने हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर) में धारण करें।
सूर्योदय के समय स्नान करके पहनना शुभ होता है।
मेष, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए लाभकारी माना जाता है।
जिनकी कुंडली में सूर्य मजबूत (उच्च) स्थिति में हो।
ओपल रत्न
ओपल रत्न का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ होता है जो फैशन, कला, ज्वेलरी और विलासिता से जुड़े क्षेत्रों में कार्य करते हैं। इस रत्न को धारण करने से व्यक्ति के व्यक्तित्व में आकर्षण और सुंदरता बढ़ती है, जिससे करियर और व्यवसाय में उन्नति के अवसर प्राप्त होते हैं।
ओपल किसे धारण करना चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वृषभ और तुला राशि के लोगों के लिए ओपल रत्न विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इसके अलावा, योग्य ज्योतिषीय परामर्श लेने के बाद मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि के जातक भी इसे धारण कर सकते हैं।
ओपल पहनने के नियम
ओपल रत्न को माणिक्य, मोती और मूंगा के साथ पहनने से बचना चाहिए।
इसे नीलम और गोमेद के साथ धारण किया जा सकता है।
ओपल को चांदी की अंगूठी में पहनना अधिक शुभ माना जाता है।
इसे शुक्रवार के दिन तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) में धारण करना चाहिए।
पहनने से पहले रत्न को गाय के कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करें।
शुद्धि के बाद अंगूठी को सफेद कपड़े पर रख दें।
फिर ‘ऊँ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः’ मंत्र का एक माला जाप करके इसे धारण करें।
पत्ना रत्न
पन्ना रत्न बुध ग्रह से जुड़ा होता है और यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या कानून और लेखा जैसे क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं। यह रत्न बुध की ऊर्जा को संतुलित करने में सहायक होता है, जिससे व्यक्ति की बुद्धि तेज होती है और उसकी सोचने-समझने की क्षमता में सुधार आता है।
पन्ना धारण करने के नियम
पन्ना बुध ग्रह से जुड़ा होने के कारण बुधवार के दिन पहनना शुभ माना जाता है।
धारण करने से पहले इसकी विधि अनुसार शुद्धि करना आवश्यक है।
पन्ना को सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर पहना जा सकता है।
बुधवार के दिन गंगाजल और दूध से रत्न की शुद्धि करें।
इसे छोटी उंगली (कनिष्ठा) में धारण करना शुभ होता है।
रेवती, आश्लेषा और ज्येष्ठा नक्षत्र में भी पन्ना पहनना लाभकारी माना जाता है।
मकर, मिथुन, कुंभ, कन्या, वृषभ और तुला राशि के जातक पन्ना धारण कर सकते हैं।
मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को इसे पहनने से बचना चाहिए।
कुंडली में बुध की स्थिति देखकर ही पन्ना धारण करना उचित होता है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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