रत्न शास्त्र: किन लोगों को पहनना चाहिए पन्ना रत्न की अंगूठी, जानिए नियम व फायदे
कुंडली का बुध ग्रह जब कमजोर होता है या अशुभ परिणाम देने लगता है तो ज्योतिष के जानकार पन्ना रत्न पहनने की सलाह देते हैं। ऐसे में आज हम जानेंगे कि पन्ना किन लोगों को पहनना चाहिए और इसके नियम और फायदे क्या-क्या है?

ज्योतिष शास्त्र में पन्ना रत्न को बेहद खास माना गया है। इस रत्न का संबंध बुध ग्रह से है। बुध ग्रह वाणी, व्यापार, नौकरी आदि का कारक है। यह रत्न गहरे से हल्के हरे रंग का होता है। इसे धारण करने के कई लाभ बताए गए हैं। कुंडली का बुध ग्रह जब कमजोर होता है या अशुभ परिणाम देने लगता है तो ज्योतिष के जानकार पन्ना रत्न पहनने की सलाह देते हैं। ऐसे में आज हम जानेंगे कि पन्ना किन लोगों को पहनना चाहिए और इसके नियम और फायदे क्या-क्या है?
किसी भी स्थिति में पन्ना रत्न बिना ज्योतिषी की सलाह से नहीं पहनना चाहिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए पन्ना धारण करना शुभ होता हैष जबकि सिंह, धनु और मीन राशि वालों की कुंडली के अनुसार कुछ स्थितियों में यह रत्न पहना जा सकता है। मेष, कर्क और वृश्चिक वालों को पन्ना रत्न नहीं पहनना चाहिए। वैसे तो वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुम्भ राशि वालों लगभग सभी जातकों के लिए पन्ना लाभदायी है, लेकिन विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए यह खासतौर पर बहुत शुभ साबित होता है।
कब और कैसे करें धारण
पन्ना धरण करने के लिए सबसे शुभ दिन बुधवार होता है। इसके अलावा इसे ज्येष्ठा, आश्लेषा और रेवती नक्षत्र में भी पहने सकते हैं। पन्ना को सोना या चांदी में जड़वाकर सबसे छोटी उंगली में धारण करना चाहिए। किसी भी बुधवार के दिन पन्ना धारण करने से पहले उसे मंगलवार की रात दूध में अंगूठी को रख दें। इसके बाद बुधवार को सुबह अंगूठी को दूध से निकालकर गंगाजल से अभिषिक्त करें। इसके बाद धूप-दीप दिखाकर ओम् बुं बुधाय नमः इस मंत्र का एक माला जाप करने के बाद ही धारण करना चाहिए।
पन्ना पहनने के फायदे
- पन्ना पहनने से चिंता से मुक्ति मिलती है।
- मन शांत और एकाग्र रहता हैष
- लेखन, अध्ययन, अध्यापन आदि से जुड़े लोगों के लिए यह रत्न बहुत लाभदायी होता है।
- आर्थिक स्थिति, पर्सनालिटी, वाकपटुता को बेहतर करने में बहुत कारगर है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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