Quote of The Day: गीता के अनुसार, पैसा नहीं बल्कि ये 3 गुण व्यक्ति को बनाते हैं धनवान
Bhagwat Geeta Quote in Hindi: गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कई उपदेश दिए हैं, जो व्यक्ति के हर पहलु से जुड़े हुए हैं। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया है कि व्यक्ति के कौन-से गुण उसे महान बनाते हैं। आप भी जानें-

Quote of the day 5 June 2026: श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिए थे। इन्हीं उपदेशों का विस्तृत वर्णन गीता में मिलता है। कहा जाता है कि गीता के उपदेशों को अपने जीवन में उतारने से व्यक्ति का न सिर्फ नजरिया बदलता है बल्कि उसे जीवन जीने की सही दिशा मिलती है। गीता इंसान को प्रेम, कर्म और धर्म का सही अर्थ बताती है। भगवान श्रीकृष्ण गीता में कहते हैं कि सिर्फ धन से ही व्यक्ति धनवान नहीं बनता है, बल्कि उसके लिए कुछ गुणों का भी होना जरूरी है। श्रीमद्भगवद्गीता में बताया गया है कि कौन-सा व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ होता है और किन गुणों से इंसान धनवान बनता है। आप भी पढ़ें आज का सुविचार-
किन गुणों से व्यक्ति बनता है धनवान-
गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि असल में धनवान वही है जिनके पास अच्छी सोच, अच्छा व्यवहार और सुंदर विचार होते हैं। कहते हैं कि यह चीजें व्यक्ति को अनुशासित करती हैं और समाज में मान-सम्मान दिलाती हैं। गीता में अच्छी सोच, अच्छा व्यवहार और सुंदर विचार का उदाहरण भगवान श्रीकृष्ण ने कई उपदेशों से दिया है। जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं- अर्जुन को उपदेश देते हुए श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि सिर्फ दिखावे के लिए व्यक्ति को अच्छा नहीं बनना चाहिए, क्योंकि परमात्मा आपको बाहर से नहीं अंदर से भी जानता है। गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि व्यक्ति की सोच से उसकी हार और जीत तय होती है, अगर मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत तय होती है। गीता में वर्णित है कि अगर व्यक्ति क्रोध के समय थोड़ा धैर्य रख ले, तो कम से कम 100 दुख भरे दिनों से बच सकता है।
अच्छी सोच, अच्छा व्यवहार और सुंदर विचार का अर्थ:
अच्छी सोच का अर्थ सकारात्मक विचारों से है, जो व्यक्ति को सही मार्ग पर लेकर जाते हैं। मधुर व्यवहार का अर्थ अहंकार, लोभ रहित और दूसरों के लिए सम्मान और प्रेम भरे व्यवहार से है। जबकि सुंदर विचारों से अर्थ व्यक्ति के परोपकार, दया और संतोष भाव से है।
कौन-सा व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ होता है:
गीता के अनुसार, जो व्यक्ति अपने धर्म और कर्तव्यों का पालन करता है वही व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ होता है। सरल शब्दों में कहें तो जो इंसान अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाता है और अपने धर्म के लिए दृढ़ रहता है, वही सर्वश्रेष्ठ है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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