first makar sankranti rituals after marriage know about newlywed bride and suhag pitar tradition Makar Sankranti 2026: क्या होता है सुहाग पितर? मकर संक्रांति पर नई-नवेली दुल्हन को जरूर करने चाहिए ये उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Makar Sankranti 2026: क्या होता है सुहाग पितर? मकर संक्रांति पर नई-नवेली दुल्हन को जरूर करने चाहिए ये उपाय

मकर संक्रांति का पर्व घर की नई-नवेली दुल्हन के लिए बेहद ही खास होता है। इस दिन सुहाग पितर की परंपरा होती है। जानें शादी के बाद पहली मकर संक्रांति पर क्या-क्या करना चाहिए?

Tue, 13 Jan 2026 05:24 PMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Makar Sankranti 2026: क्या होता है सुहाग पितर? मकर संक्रांति पर नई-नवेली दुल्हन को जरूर करने चाहिए ये उपाय

मकर संक्रांति को नई शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इस दिन कई ग्रहों की चाल एक साथ बदलती है। हालांकि सूर्य के गोचर को सबसे खास माना जाता है। हर किसी के लिए ये पर्व बेहद ही मायने रखता है और अगर घर में कोई नई-नवेली बहू है तो ये पर्व उस परिवार के लिए और भी खास हो जाता है। किसी भी नव विवाहिता के लिए इस पर्व के खास मायने होते हैं। परपंरा के तौर पर बहु इस दिन घर के सभी बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेती है। माना जाता है कि इस पर्व को नई-नवेली दुल्हन के लिए सभी के साथ संबंध मजबूत करने का मौका मिलता है। लोग भी नई-नवेली दुल्हन पर खूब प्यार लुटाते हैं और आशीर्वाद के रूप में उसे उपहार देते हैं।

नई-नवेली दुल्हन करें ये काम

मकर संक्रांति के खास मौके पर नई नवेली दुल्हन को सूर्यदेव की पूजा जरूर करनी चाहिए। ये पर्व खास तौर पर सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद ही खास होता है। इस खास पर्व के दिन सुबह-सुबह स्नान करके पीले और लाल रंग के ही कपड़े पहनना चाहिए। साथ ही परिवार के लोगों को तिल-गुड़ देना चाहिए। साथ ही इसका दान करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन की गई पाठ-पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है और सभी सदस्य की जिंदगी में खुशियां आती हैं।

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क्या होता है सुहाग पितर?

हिंदू धर्म में सुहाग पितर एक खास पारंपरिक रीति रिवाज मानी जाती है। इसे उस घर में खास तौर पर मनाते हैं, जहां पर कोई नई-नवेली दुल्हन होती है। इस दिन नई दुल्हन पतिरों के साथ-साथ घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेती है। मान्यता है कि इस परंपरा की वजह से दुल्हन को सौभाग्य की प्राप्ति होती है और उसकी शादीशुदा जिंदगी में सुख-शांति बनी रहती है। सुहाग पितर में घर के सभी सदस्य नई-नवेली दुल्हन को ज्वेलरी, साड़ी, चूडिआं, सिंदूर और बाकी सुहाग की निशानियों को उपहार के तौर पर देते हैं। इस परंपरा का महत्व ना सिर्फ दुल्हन के लिए ही होता है बल्कि पूरे परिवार के लिए ये काफी मायने रखता है क्योंकि इस दौरान हर कोई नई-नवेली दुल्हन को दिल से अपना लेता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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