Ekadashi kab hai Papmochani Ekadashi date 15 march 2026 kharmas surya meen rashi gochar daan punya kya kaein Papamochani ekadashi date 2026: पापमोचनी एकादशी का व्रत कब, इस बार खरमास में एकादशी व्रत, दान पुण्य का अधिक महत्व, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Papamochani ekadashi date 2026: पापमोचनी एकादशी का व्रत कब, इस बार खरमास में एकादशी व्रत, दान पुण्य का अधिक महत्व

papamochani ekadashi kab ki hai:इस बार एकादशी व्रत खरमास में पड़ रहा है। खरमास का मतलब है, सूर्य मीन संक्रांति में हैं। जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मीन संक्रांति कहते हैं। इस दिन से एक महीने के लिए खरमास लग जाता है। खरमास में शुभ कार्य नहीं होते हैं।

Fri, 13 March 2026 07:25 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Papamochani ekadashi date 2026: पापमोचनी एकादशी का व्रत कब, इस बार खरमास में एकादशी व्रत, दान पुण्य का अधिक महत्व

इस बार पापमोचिनी एकादशी की तिथि को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है। इस बार पापमोचिनी एकादशी का पर्व 14 या 15 मार्च को मनाया जाएगा, इसको लेकर आप अगर आप भी परेशान है, तो यहां जानें कब मनाई जाएगी एकादशी और इस बार एकादशी पर खरमास और सूर्य का गोचर भी हो रहा है। चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी है, को पापमोचनी एकादशी कहते है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी इस दिन व्रत करता है, उसके सभी पाप दूर हो जाते हैं। वह कई गोदान का फल पा लेता है। अब आइए जानते हैं कि पापमोचिनी एकादशी पर ग्रहों का संयोग क्या बन रहा है, जो इस दिन दान पुण्य का बहुत अधिक महत्व है।

खरमास में एकादशी व्रत, क्या करें दान

आपको बता दें कि इस बार एकादशी व्रत खरमास में पड़ रहा है। खरमास का मतलब है, सूर्य मीन संक्रांति में हैं। जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मीन संक्रांति कहते हैं। इस दिन से एक महीने के लिए खरमास लग जाता है। खरमास में शुभ कार्य नहीं होते हैं। एकादशी और संक्रांति के योग में भगवान विष्णु के साथ ही सूर्य देव की पूजा करने का शुभ योग बहुत उत्तम हैं।इस दौरान दान पु्ण्य और जप तप का बहुत अधिक फल मिलता है। आपको बता दें कि सूर्य 14 मार्च को मीन राशि में आ जाएगें। इसलिए इस दिन भोजन, वस्त्र, अनाज, जूते-चप्पल, धन का दान करना चाहिए। इस दौरान में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार जैसे शुभ काम नहीं किए जाते हैं। इस महीने में सूर्य पूजा, विष्णु पूजा, मंत्र जप, नदी स्नान और दान-पुण्य करना चाहिए। इस दिन चावल भी नहीं खाना चाहिए। एकादशी पर तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए। 

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पापमोचनी एकादशी 2026 तिथि और समय

पद्मपुराण में लिखा है कि एकादशी दशमी तिथि से युक्त हो वो नहीं रखनी चाहिए। इस बार एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 सुबह 08:10 बजे से शरू हो रही है। ऐसे में आठ बजे से पहले दशमी तिथि लग रही है। इसलिए इस तिथि को एकादशी व्रत नहीं रखा जाएगा। अगले दिन 15 मार्च को एकादशी कम लेकिन द्वादशी भी मिल रही है। इसलिए यह दिन एकादशी व्रत के लिए उत्तम है। इसका पारण अगले दिन 1 मार्च को होगा जिसमें त्रयोदशी भी शामिल होगी। यह उत्तम रहेगा।

एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 सुबह 08:10 बजे से श

एकादशी तिथि समाप्त – 15 मार्च 2026 सुबह 09:16 बजे

पारण समय – 16 मार्च 2026 सुबह 06:30 बजे से 08:54 बजे तक

पारण वाले दिन द्वादशी समाप्ति समय – सुबह 09:40 बजे

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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